मानव कंकाल और हड्डियों से बना है ये अनोखा चर्च, देखने दूर दूर से आते हैं लोग!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 Dec 2021, 12:00 AM | Updated: 04 Dec 2021, 12:00 AM

चर्च तो आपने देखा ही होगा फूलों से सजा, साफ सुथरा एकदम शांत माहौल। चर्च का जिक्र होते ही कुछ ऐसी ही तस्वीर दिलों दिमाग में बनती है, लेकिन एक ऐसे चर्च का जिक्र हम करने जा रहे हैं आज जो बेहद ही अलग तरह का चर्च है। क्या है खासियत इस चर्च की? और क्यों इस बारे में जानना चाहिए? ये सबकुछ हम आपको बताएंगें…

जानिए इस बेहद अलग चर्च के बारे में

आमतौर पर किसी भी जगह की सजावट फूलों से की जाती है। मंदिर, मस्जिद हो या फिर चर्च लेकिन दुनिया में एक ऐसा चर्च भी है, जिसको सजाने के लिए फूलों का तो दूर दूर तक इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि कंकालों का इस्तेमाल किया जाता है वो भी इंसानी कंकालों का। जाहिर बात है किसी भी जगह इंसानी कंकाल होंगे तो डर तो लगेगा ही। इस चर्च को बेहद ही रहस्यमयी माना जाता है, लेकिन यहां पर दिलचस्प बात ये है कि इस डारावने और रहस्यमयी चर्च में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है, भारी संख्या में लोग यहां पर धूमने आते हैं। अंदाजा है कि दो लाख से भी ज्यादा लोग सालभर में इस चर्च को देखने पहुंच जाते हैं।

इस चर्च का नाम क्या है?

तो इस अजीबोगरीब चर्च का नाम है Seldec Ossuary,0 जो कि चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में है। ऐसी जानकारी है कि इस चर्च को सजाने के लिए इसानी कंकालों को यूज किया गया। 40 हजार से 70 हजार लोगों के बोन को चर्च में यूज किया गया है। चाहे छत हो चर्च या फिर झूमर सबकुछ इंसानी बोन से ही बना दिया गया है। इसे ‘चर्च ऑफ बोन्स’ के तौर पर भी लोग जानते हैं।

इसके पीछे की आखिर वजह क्या है?

कहा जाता है कि यरुशलम गए संत जब लौट आए तो वो अपने साथ वहां की पवित्र माटी से एक जार भी ले आए और उस मिट्टी को एक कब्रिस्तान के ऊपर डाल दिया। बस उसके बाद से ये लोगों के दफनाने की एक पसंद की जगह हो गई। कब्रिस्तान में पवित्र माटी होने के होने के कारण लोग इच्छा रखने लगे कि मरने के बाद उन्हें वहीं दफन किया जाए और यही होने भी लगा।

इसी दौरान 14वीं सदी में एक महामारी फैली ‘ब्लैक डेथ’ जिसके कारण काफी ज्यादा लोग मारे गए और उनके शव को प्राग के उसी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया, जहां संत ने पवित्र मिट्टी डाली और जब 15वीं सदी के शुरू में बोहेमिया युद्ध में भी जो हजारों की संख्या में लोगों को मार दिया गया उनके शव भी उसी कब्रिस्तान में जगह दी गई।

हालांकि लोगों के शवों की संख्या काफी ज्यादा थी ऐसे में कब्रिस्तान में जगह नहीं बची तो फिर उनके Skeletons और bones को निकाला गया और उनसे ही चर्च को सजाया गया। फिर इस चर्च के बारे में लोग जानने लगे और दुनिया में इसकी चर्चाएं होने लगी। लोग इस चर्च को देखने के लिए आने लगे और आज भी लोग इसे देखने आते ही रहते हैं।

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