History of agriculture: आज हम सुपर मार्केट की चमक-धमक के बीच आसानी से अनाज खरीद लेते हैं, लेकिन हजारों साल पहले इंसान का अस्तित्व केवल उसके साहस पर टिका था। वह एक शिकारी था, जो भोजन की तलाश में दर-दर भटकता और पूरी तरह जंगलों पर निर्भर था। इतिहास गवाह है कि जिस इंसान ने पत्थर रगड़कर आग जलाना सीखा, उसी ने धीरे-धीरे प्रकृति के एक और बड़े रहस्य को सुलझाया। उस दौर में न हल था, न बीज सहेजने का ज्ञान और न ही खेती की रत्ती भर समझ।
लेकिन एक समय ऐसा आया जब उसने गौर किया कि मिट्टी में गिरे बीज से पौधा उग रहा है और यह कोई चमत्कार नहीं है बल्कि जिस कचरे या बीजों को उसने फेंका, वहां से दोबारा वही पौधा उग आया। वह समझ गया कि मिट्टी में गिरे बीज दोबारा जीवन दे सकते हैं। बस यहीं से खेती की शुरुआत हुई और इंसान ने पहली बार नुकीली लकड़ी की मदद से अनाज उगाना शुरू किया।
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कहां और कब हुई खेती की शुरुआत
इतिहासकारों के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि खेती की संगठित शुरुआत लगभग 12,000 साल पहले हुई, जिसे नवपाषाण काल कहा जाता है। इसी दौर में इंसान ने स्थायी बस्तियां बसानी शुरू कीं और खेती को जीवन का आधार बनाया। खेती की शुरुआत जिस इलाके में मानी जाती है, उसे Fertile Crescent कहा जाता है। यह क्षेत्र आज के इजराइल, जॉर्डन, सीरिया, तुर्की और इराक के हिस्सों में फैला था। यहां उपजाऊ मिट्टी और नदियों की मौजूदगी ने खेती के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया।
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सबसे पहले कौन-सा अनाज उगाया गया
इतिहासकारों की खोजबीन में इस क्षेत्र से सबसे पुराने अनाज के प्रमाण मिले हैं। इनमें मुख्य रूप से ‘एंकोर्न’ गेहूं (Einkorn), ‘एमर’ (Emmer), जौ शामिल हैं। एंकोर्न को दुनिया की सबसे पुरानी गेहूं प्रजातियों में गिना जाता है, जबकि एमर भी शुरुआती खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसानों ने पहले जंगली गेहूं के पौधों को पहचानना सीखा और फिर उन्हें व्यवस्थित तरीके से बोना शुरू किया।
खेती ने कैसे बदला इंसान का जीवन
करीब 9–10 हजार साल पहले तक इंसान खेती की तकनीक को अच्छी तरह समझ चुका था। उसने बीज बचाना, दोबारा बोना और फसल काटना सीख लिया था। खेती शुरू होने के बाद इंसान का जीवन पूरी तरह बदल गया। अब उसे भोजन की तलाश में भटकना नहीं पड़ता था। उसने स्थायी घर बनाए, गांव बसाए और यहीं से सभ्यताओं की नींव पड़ी।
खेती ने केवल भोजन की सुरक्षा ही नहीं दी, बल्कि समाज, व्यापार और संस्कृति को भी जन्म दिया। अनाज को पीसकर आटा बनाना, उसे पकाना और भंडारण करना जैसी प्रक्रियाएं भी इसी दौर में विकसित हुईं। कुल मिलाकर एंकोर्न और एमर जैसे प्राचीन गेहूं और जौ ही वे अनाज थे, जिन्होंने मानव इतिहास में खेती की शुरुआत कर सभ्यता के विकास का रास्ता खोला।






























