इन 7 राज्यों में "महामारी" बनी ब्लैक फंगस: कब और क्यों किसी बीमारी के लिए की जाती है ऐसी घोषणा? क्या होता है इसका मतलब?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 21 May 2021, 12:00 AM | Updated: 21 May 2021, 12:00 AM

कोरोना महामारी का संकट देश पर से अभी तक टला नहीं। इस बीच ब्लैक फंगस यानि Mucormycosis नाम की एक टेंशन आ गई है। दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार कई राज्यों में तेजी से ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ने लगे। ये बीमारी भी जानलेवा है, जिसकी वजह से सरकारों से लेकर आम लोगों तक हर किसी की परेशानी बढ़ गई। कुछ राज्यों की सरकारों ने तो ब्लैक फंगस को महामारी तक घोषित कर दिया है। 

किसी भी बीमारी को महामारी कब और कैसे घोषित किया जाता है? ऐसा करने की वजह क्या होती है? आइए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता देते हैं…

कब घोषित किया जाता है बीमारी को महामारी?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक जब भी कोई बीमारी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करें या फिर उससे सामान्य से ज्यादा लोग शिकार हो रहे हो, तो उसे महामारी घोषित किया जाता है। किसी भी बीमारी को महामारी घोषित करने का फैसला उसकी वजह से होने वाली पीड़ितों की संख्या और मौतों पर निर्भर करता है। 

आप ये तो जानते होंगे कि कोरोना एक वैश्विक महामारी यानि Pandemic है। वहीं ब्लैक फंगस को महामारी यानि Epidemic घोषित किया जा रहा है। राजस्थान की सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी (Epidemic) घोषित किया है। दरअसल, जब कोई बीमारी कई देशों में फैल जाए, तो ही उसे पैनडेमिक घोषित किया जाता है। कोरोना लगभग सभी देशों में अपने पैर पसार चुका है, इसलिए वो पैनडेमिक की श्रेणी में है। WHO कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित कर चुका है।

इसलिए ये फैसला लेना होता है मुश्किल

किसी भी बीमारी को महामारी घोषित करने का फैसला इतनी आसानी से नहीं लिया जाता। ये फैसला काफी सोच-समझकर लेना पड़ता है। क्योंकि जब कोई भी बीमारी महामारी घोषित की जाती है, तो इसको लेकर लोगों में डर का माहौल बन जाता है। चीन में कोरोना संक्रमण 2019 के अंत में ही भयंकर कहर बरपाने लगा था, लेकिन फिर भी WHO ने मार्च 2020 तक WHO ने इसे महामारी घोषित नहीं किया था। 

ऐसे कोरोना को घोषित किया गया था महामारी

फरवरी 2020 में WHO के डॉक्टर टेडरोज ने कहा था कि कोरोना वायरस में महामारी बनने की क्षमता है, लेकिन अभी ये महामारी नहीं। क्योंकि दूसरे देशों में इसके तेजी से फैलने के सबूत नहीं मिले। जब चीन, ईरान और इराक समेत 114 देशों में कोरोना फैला, तब ही इसे महामारी घोषित किया गया। 11 मार्च को WHO ने कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किया था। 

महामारी घोषित करने की वजह

किसी भी बीमारी को महामारी घोषित करने की कई वजहें होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है, जिससे सरकारें, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां बीमारी को लेकर अलर्ट होकर एक्टिव मोड़ में आ जाएं। अगर उस बीमारी के इलाज या संसाधनों की कमी हो रही हो, तो पर्याप्त व्यवस्थाओं के इंतेजाम कर लिए जाए। बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए। जब कोरोना को महामारी घोषित किया था, तो WHO ने उम्मीद जताई थी कि सभी देश इसके इलाज, बचाव और रिसर्च के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

कहां-कहां ब्लैक फंगस बना महामारी?

ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने वाला राजस्थान पहला राज्य था। अकेले राजस्थान में ही ब्लैक फंगस के 700 से ज्यादा केस आए, तो राज्य सरकार एक्टिव हुई और इसे महामारी घोषित किया। इसके बाद केंद्र ने भी राज्य सरकारों से ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने को कहा। अब राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात समेत 7 राज्यों ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। 

बता दें कि देश में ब्लैक फंगस के केस 7 हजार के आंकड़ें को पार कर चुके हैं, जबकि 219 की मौत इसकी वजह से अब तक हो चुकी है। ब्लैक फंगस का सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है। यहां फंगस के 1500 से ज्यादा केस आए है, जबकि 90 मरीजों की जान गई। 

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