Heart attack in animals: क्या आपको पता है? जानवरों को भी हो सकता है हार्ट अटैक और किडनी फेल – इंसानों जैसी होती हैं ये बीमारियां

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 सितम्बर 2025, 05:30 AM Updated: 08 सितम्बर 2025, 05:30 AM
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Heart attack in animals: हम अक्सर सोचते हैं कि गंभीर बीमारियां जैसे हार्ट अटैक या किडनी फेल होना सिर्फ इंसानों की परेशानी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये समस्याएं जानवरों को भी उतनी ही प्रभावित करती हैं, जितना हमें? फर्क सिर्फ इतना है कि हम इंसान अपने दर्द को बोलकर बता सकते हैं, जबकि जानवर खामोशी से दर्द सहते रहते हैं। इसी वजह से उनकी बीमारी का पता तब चलता है जब हालात काफी बिगड़ चुके होते हैं।

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जानवरों को भी होती है किडनी फेल– Heart attack in animals

किडनी यानी गुर्दे, इंसानों की तरह ही जानवरों के शरीर में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ये शरीर से टॉक्सिन्स निकालने, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने और कुछ जरूरी हार्मोन्स बनाने का काम करते हैं। जब किडनी ठीक से काम करना बंद कर देती है तो उसे ‘किडनी फेलियर’ या ‘क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)’ कहा जाता है।

जानवरों में इसकी पहचान मुश्किल होती है क्योंकि शुरुआती लक्षण बेहद सामान्य लगते हैं जैसे ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, कम खाना, धीरे-धीरे वजन घटना, उल्टी या सुस्ती। अगर इन संकेतों को नजरअंदाज कर दिया जाए तो बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

किडनी फेलियर के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे इंसानों में उम्र के साथ अंग कमजोर होने लगते हैं, वैसे ही जानवरों में भी बढ़ती उम्र के साथ किडनी पर असर पड़ता है। कुछ नस्लों में यह समस्या जन्म से ही हो सकती है। इसके अलावा बैक्टीरियल इंफेक्शन, विषाक्त पदार्थों का सेवन या शरीर में पानी की कमी भी किडनी डैमेज का कारण बन सकते हैं।

क्या जानवरों को हार्ट अटैक आ सकता है?

अब आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि जानवरों को भी हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि इंसानों की तरह उनके हार्ट अटैक के लक्षण और कारण थोड़े अलग होते हैं। इंसानों में हार्ट अटैक अक्सर कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक होने से होता है, जबकि जानवरों में cardiomyopathy, mitral valve disease, हाई ब्लड प्रेशर या जन्मजात दिल की बीमारियां आम होती हैं।

कई बार जानवर बिना किसी लक्षण के दिल की बीमारी से जूझते रहते हैं और अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। चौंकाने वाली बात ये है कि पालतू जानवरों जैसे कुत्तों और बिल्लियों में भी हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट मसल्स की कमजोरी और वॉल्व में खराबी देखी गई है। कुछ ब्रीड्स जैसे डॉबरमैन, बॉक्सर या ग्रेट डेन में ये रिस्क ज्यादा होता है।

क्या करें पालतू जानवरों की सेहत के लिए?

इसलिए पालतू जानवरों की सेहत की देखभाल उतनी ही जरूरी है, जितनी किसी परिवार के सदस्य की। अच्छे स्वास्थ्य के लिए रेगुलर हेल्थ चेकअप, संतुलित डाइट, साफ पानी, पर्याप्त एक्सरसाइज और साफ-सफाई उनकी सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आपके पालतू जानवर के व्यवहार में बदलाव दिखे जैसे कम खाना, बहुत नींद आना, या अचानक सुस्ती तो तुरंत वेटरनरी डॉक्टर से संपर्क करें।

याद रखें, जानवर बोल नहीं सकते, लेकिन उनका शरीर इशारों में बहुत कुछ कह देता है। जरूरत बस है, उसे समझने की।

और पढ़ें: Kidney Damage Symptoms: सुबह उठते ही दिखें ये 5 लक्षण, तो हो जाएं अलर्ट- किडनी डैमेज की हो सकती है शुरुआती चेतावनी

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