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Jabalpur Murder Case: गुरूजी ने मना किया शादी मत करो लेकिन भक्त कहा मानने वाला था शादी के पहले ही दिन जानिये कैसे हुई उसकी हत्या

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 02 Jul 2025, 12:00 AM | Updated: 02 Jul 2025, 12:00 AM

Jabalpur Murder Case: मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में एक वीडियो ने सबका ध्यान आकर्षित किया, और वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में 45 वर्षीय इंद्रकुमार तिवारी ने अपनी शादी न होने का कारण बताया, जबकि उनके पास 18 एकड़ ज़मीन थी। यह सवाल इतना दिलचस्प था कि उसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया, लेकिन कुछ दिन बाद इंद्रकुमार के लिए यह वीडियो एक गंभीर और खतरनाक मोड़ लेने वाला साबित हुआ।

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एक फोन और रिश्ते की शुरुआत- Jabalpur Murder Case

17 मई को इंद्रकुमार के पास कौशल गौर नामक व्यक्ति का फोन आया। कौशल ने इंद्रकुमार से कहा कि उसने अनिरुद्धाचार्य की कथा में उनका वीडियो देखा था और यह जानने के बाद कि वह शादी करना चाहते हैं, उसने अपनी बहन खुशी से इंद्रकुमार का रिश्ता तय करने की बात की। इंद्रकुमार ने खुशी से बात की और दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे रिश्ता पक्का हुआ और 26 मई को कौशल शगुन लेकर इंद्रकुमार के गांव, जो मध्य प्रदेश के सोहरा में स्थित था, पहुंच गया। शादी की तारीख 5 जून को तय हुई।

गोरखपुर में शादी और साजिश की शुरुआत

इंद्रकुमार ने अपने गांव के सुनार से जेवर बनवाए, पैसे जुटाए और अपनी खानदानी ज़ेवर लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए। 5 जून को गोरखपुर के एक होटल में इंद्रकुमार और खुशी की शादी हुई। इस दौरान, इंद्रकुमार ने शादी की तस्वीरें अपने गांव भेजीं, लेकिन अगले दिन जो हुआ वह पूरी कहानी का मोड़ था।

जब इंद्रकुमार ने खुशी और कौशल से गांव चलने के लिए कहा, तो दोनों ने आनाकानी शुरू कर दी। इंद्रकुमार को समझ में आ गया कि कुछ गड़बड़ है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

असली कहानी सामने आई: खुशी और कौशल थे पति-पत्नी

शादी के बाद जब इंद्रकुमार ने खुशी से घर लौटने का आग्रह किया, तो दोनों ने आनाकानी की। कुछ देर बाद, इंद्रकुमार को पता चला कि खुशी का असली नाम शाहिदा था और वह पहले से शादीशुदा थी। खुशी और कौशल भाई-बहन नहीं, बल्कि पति-पत्नी थे। शाहिदा ने अपनी पहचान बदलकर खुशी नाम रखा था और कौशल से शादी की थी। यह जानकर इंद्रकुमार हैरान रह गया, लेकिन उसकी जान खतरे में थी क्योंकि उनका असली उद्देश्य था इंद्रकुमार से पैसे और गहने हासिल करना।

हत्या की साजिश का खुलासा

शादी के कुछ दिन बाद से इंद्रकुमार का फोन बंद था और वह गांव में किसी से संपर्क नहीं कर रहा था। इंद्रकुमार के गांव वालों को चिंता हुई और उन्होंने मझौली पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू की और गोरखपुर में इंद्रकुमार की तलाश शुरू की। वहां, पुलिस ने एक लावारिस लाश की शिनाख्त की, जो इंद्रकुमार की थी।

पुलिस की जांच में पता चला कि खुशी और कौशल ने जानबूझकर इंद्रकुमार से झूठी शादी का नाटक किया था। उनका असली मकसद था पैसे और गहने लूटना। जब इंद्रकुमार ने दोनों से पैसे और गहने वापस मांगे, तो उन्होंने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक सुनसान जगह पर फेंक दिया। उनका उद्देश्य था कि शव सड़कर पहचान में न आए, लेकिन पुलिस की जांच ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

साजिश का पर्दाफाश और गिरफ्तारी

पुलिस ने खुशी और कौशल की कड़ी पूछताछ की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, खुशी और कौशल ने अनिरुद्धाचार्य की कथा में इंद्रकुमार का वीडियो देखा था और फिर किसी तरह से उसका संपर्क नंबर हासिल किया। इसके बाद, उन्होंने इंद्रकुमार से शादी का झूठा वादा किया और उसके पैसे और गहने लूटने के बाद उसकी हत्या कर दी।

यह पूरी घटना एक खतरनाक साजिश की कहानी बन गई, जिसमें लालच और धोखाधड़ी ने एक निर्दोष आदमी की जान ले ली। पुलिस ने सफलता से इस मामले को हल किया और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।

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