Sonia Gandhi Political Journey: सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की 2 ऐतिहासिक जीत, फिर क्यों पार्टी आज संकट में है?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 16 Jun 2025, 12:00 AM | Updated: 16 Jun 2025, 12:00 AM

Sonia Gandhi Political Journey: कांग्रेस पार्टी के लिए सोनिया गांधी का नेतृत्व ऐतिहासिक रहा है, जिसने 2004 और 2009 में पार्टी को जबरदस्त जीत दिलाई। लेकिन आज वही पार्टी एक नए संकट से जूझ रही है। इन दो सफलताओं के बावजूद, कांग्रेस का राजनीतिक भविष्य आज असमंजस में क्यों है? क्या सोनिया गांधी की नेतृत्व शैली अब भी पार्टी को संभालने के लिए पर्याप्त है, या इसे नए सिरे से पुनर्निर्माण की आवश्यकता है?

और पढ़ें: Sonia Gandhi Political Legacy: 3 बार PM बनने का मौका खोकर भी दी स्थिर सरकारें – सोनिया गांधी की सियासी विरासत क्यों रहेगी अनमोल?

कांग्रेस को संजीवनी देने वाली सोनिया गांधी- Sonia Gandhi Political Journey

आज भले ही कांग्रेस पार्टी की स्थिति राजनीति में कुछ कमजोर दिखाई दे, लेकिन जब 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस का नेतृत्व संभाला था, तब पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियां थीं। 1996 के चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था और उसके बाद पार्टी सत्ता से बाहर हो गई थी। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी और 1999 में फिर से पांच साल के लिए उनकी सरकार स्थापित हुई। ऐसे समय में सोनिया गांधी ने पार्टी को एक नई दिशा दी और 2004 में कांग्रेस को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की दो बड़ी सफलताएं

2004 के चुनाव में सोनिया गांधी ने कांग्रेस को एक नया जीवन दिया। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 150 सीटें हासिल की और अन्य दलों के साथ मिलकर यूपीए की सरकार बनाई। कांग्रेस ने बसपा, सपा, एमडीएमके और वाम मोर्चा के समर्थन से 335 सीटों का समर्थन प्राप्त किया और यूपीए सरकार के रूप में सत्ता में आई। इसके बाद 2009 में भी कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 205 सीटों के साथ फिर से सत्ता में आई। इन दोनों चुनावों में कांग्रेस की सफलता का पूरा श्रेय सोनिया गांधी को दिया गया। 2009 में उन्हें फोर्ब्स पत्रिका द्वारा सबसे सशक्त महिला नेता के रूप में भी सम्मानित किया गया।

घोटाले और आरोपों का सामना करती सोनिया गांधी

सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को कई आंतरिक और बाहरी समस्याओं का सामना करना पड़ा। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 44 सीटें मिलीं, जो पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक हार थी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और यूपीए सरकार के कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगे। 2जी घोटाला, रॉबर्ट वाड्रा की विवादास्पद जमीन खरीदारी और अगस्ता वेस्‍टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया। हालांकि इन आरोपों में से कोई भी कोर्ट में साबित नहीं हो सका, फिर भी विपक्ष ने सोनिया गांधी को इन घोटालों के लिए जिम्मेदार ठहराया।

सोनिया गांधी का कांग्रेस के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहना

सोनिया गांधी कांग्रेस के इतिहास में सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाली नेता हैं। उन्होंने 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था और तब से लेकर अब तक वह इस पद पर काबिज हैं। वह जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से भी ज्यादा समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रही हैं। सोनिया गांधी को कई बार दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में भी शामिल किया गया है। उनकी राजनीति में उपस्थिति हमेशा प्रभावी रही, और उन्होंने पार्टी को संकट के दौर में नेतृत्व प्रदान किया।

भविष्य की दिशा

हालांकि सोनिया गांधी ने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन उनका यह सियासी सफर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहा है। कुल मिलाकर, सोनिया गांधी का योगदान भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी के लिए अविस्मरणीय रहेगा। उनकी अध्यक्षता में कांग्रेस ने बड़े चुनावी संघर्षों का सामना किया और कई बार पार्टी को सत्ता में लौटाया।

और पढ़ें: Late Charul Pandey Transfer: ‘उत्तम प्रदेश’ का उल्टा- पुल्टा मामला, मौत के दो साल बाद चारुल पांडेय का PRAYAGRAJ ट्रांसफर

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds