Israel-Iran War: 2300 किमी दूर से इजरायल का हमला, ईरान में 406 मौतें, इजरायल में 16 की जान गई – 72 घंटे की जंग में किसे कितना नुकसान?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 16 Jun 2025, 12:00 AM | Updated: 16 Jun 2025, 12:00 AM

Israel-Iran War: पिछले 72 घंटों से इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिससे भारी तबाही हुई है। 15 जून 2025 को शुरू हुआ यह संघर्ष अब तक दोनों देशों के लिए गंभीर नुकसान लेकर आया है। इस हमले में अब तक 406 ईरानियों की जान जा चुकी है, जबकि 654 लोग घायल हुए हैं। वहीं, ईरान के हमले में 16 इजरायलियों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

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इजरायल का सैन्य हमला- Israel-Iran War

इजरायल ने पिछले 72 घंटों में ईरान के सभी महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायली सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सबसे पहले हमला किया था। नंताज परमाणु साइट पर हुए हमले में इजरायल का दावा है कि यूरेनियम संवर्धन की मशीनरी को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, इस्फहान और फोर्डो परमाणु साइट्स पर भी हमले किए गए हैं, हालांकि इन ठिकानों पर हुए नुकसान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इजरायली वायु सेना ने अब तक का सबसे लंबा हमला किया, जब उसने मशहद हवाई अड्डे पर एक ईरानी ईंधन भरने वाले विमान पर हमला किया, जो इजरायल से लगभग 2,300 किलोमीटर दूर था। इस हमले में विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया।

इसके अलावा, इजरायल ने सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया है, जिसमें मिसाइल उत्पादन सुविधाएं और रिफाइनरी शामिल हैं। तेहरान में भी कई रिहायशी इलाकों और सरकारी इमारतों को नुकसान हुआ है। मेहराबाद एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है और उसे बंद कर दिया गया है।

ईरान का प्रतिरोध

इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने भी 100-200 बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। कुछ मिसाइलें इजरायल की आयरन डोम रक्षा प्रणाली को पार करने में सफल रहीं, जिसके परिणामस्वरूप तेल अवीव में कई इमारतें और वाहन नष्ट हो गए। ईरानी हमले में अब तक 16 इजरायलियों की मौत हो चुकी है और तेल अवीव, रमात गान, बैट यम और रेहोवोट में भारी तबाही मचाई गई है।

ईरान ने इजरायल के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें नेगेव रेगिस्तान और हाइफा के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। हाइफा, जो इजरायल का प्रमुख बंदरगाह है, पर मिसाइल गिरने से आग लगने की खबर आई है। इसके अलावा, इजरान की सेना ने वीज़मैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और इजरायल की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर भी हमले किए हैं।

ईरान की वरिष्ठ मिलिट्री लीडरशिप और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत

इजरायल ने ईरान की सैन्य और परमाणु विशेषज्ञता को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। इस हमले में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हुई है। इनमें आर्मी चीफ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी, IRGC के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी और कई अन्य शीर्ष अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, कई प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों, जैसे मोहम्मद मेहदी तेहरांची और फेरेयदौन अब्बासी-दवानी, भी इस हमले में मारे गए हैं, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए एक बड़ा झटका है।

इजरायल का प्रतिक्रिया

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की सैन्य और परमाणु विशेषज्ञता को खत्म करने की रणनीति को सही ठहराया है। उनके अनुसार, इस संघर्ष के दौरान ईरान की सैन्य शक्ति और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना इजरायल की प्राथमिकता रही है।

इसके अलावा, इजरायल ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है, और तेल अवीव, यरुशलम, और हाइफा में हवाई हमले के सायरन बजने से लाखों लोग बंकरों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।

और पढ़ें: Israel Iran War: तेल, गैस और न्यूक्लियर पर इजरायल का हमला, ईरान के रणनीतिक ठिकानों को किया तबाह

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