Trending

How to meet Swami Kailashananda Giri: स्वामी कैलाशानंद गिरि से कैसे मिलें? जानें संन्यास, आध्यात्म और दीक्षा की प्रक्रिया

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 Mar 2025, 12:00 AM | Updated: 09 Mar 2025, 12:00 AM

How to meet Swami Kailashananda Giri: भारत के प्रतिष्ठित संतों में से एक स्वामी कैलाशानंद गिरि जी का नाम आध्यात्मिक जगत में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। वे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर हैं और हरिद्वार स्थित श्री सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर हैं। उनके दर्शन और दीक्षा प्राप्त करने की लालसा रखने वाले भक्तों के लिए यह लेख मार्गदर्शक साबित होगा।

और पढ़ें: Sadguru Riteshwar Ji Maharaj Biography: आध्यात्मिकता और समाजसेवा का प्रतीक सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज, जानें उनके बारे में सबकुछ

How to meet Swami Kailashananda Giri

स्वामी कैलाशानंद गिरि का जन्म 1 जनवरी 1976 को बिहार के जमुई जिले में हुआ था। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन ईश्वर भक्ति की ओर आकर्षित होकर उन्होंने बचपन में ही घर-बार छोड़ दिया। वे भगवान की भक्ति में इतने तल्लीन हो गए कि उन्होंने फिर कभी पारिवारिक जीवन की ओर नहीं देखा। जूना अखाड़े से जुड़े संतों के अनुसार, एक बार जब कोई व्यक्ति संन्यास धारण कर लेता है, तो वह सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है।

निरंजनी अखाड़े से जुड़ाव

स्वामी कैलाशानंद गिरि निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, जो हिंदू संतों की एक प्रतिष्ठित शाखा है। इस पद को प्राप्त करने के लिए गहन तपस्या और वेद, उपनिषद, पुराणों का विस्तृत ज्ञान आवश्यक होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने इस कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया और 2013 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उन्हें अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। 2021 में वे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बने।

हरिद्वार में आध्यात्मिक केंद्र

वर्तमान में स्वामी कैलाशानंद गिरि हरिद्वार के चंडी घाट स्थित काली मंदिर के प्रमुख हैं, जिसे दक्षिण काली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र बन चुका है। हरिद्वार में स्थापित इस मंदिर का स्वरूप स्वामी जी के आगमन के बाद पूरी तरह से बदल गया, जिससे यह धार्मिक स्थल और भी अधिक आकर्षण का केंद्र बन गया।

स्वामी कैलाशानंद गिरि से मिलने का तरीका

अगर आप स्वामी कैलाशानंद गिरि से मिलना चाहते हैं, तो निम्नलिखित मार्गों का अनुसरण कर सकते हैं:

हरिद्वार के श्री सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर जाएं

swamikailashanandgiriji.in में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, स्वामी कैलाशानंद गिरि जी हरिद्वार स्थित श्री सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर हैं। उनसे मिलने के लिए आप इस मंदिर में जा सकते हैं।

पता:
सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर, चीला बांध – ऋषिकेश रोड, हरिद्वार, उत्तराखंड 249408

समय:
मंदिर में स्वामी जी नियमित रूप से प्रवचन और साधना सत्र आयोजित करते हैं।
भक्त उनके आश्रम में सुबह और शाम के समय जाकर दर्शन कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट या संपर्क नंबर के माध्यम से अपॉइंटमेंट लें

स्वामी जी से मिलने के लिए पहले से संपर्क करना आवश्यक हो सकता है।

संपर्क करें:
+91 75240 42567
ईमेल: office@swamikailashanandgiri.com

यदि आप विशेष आध्यात्मिक परामर्श, दीक्षा, या किसी आयोजन में भाग लेना चाहते हैं, तो पहले संपर्क करना उचित रहेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स

स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर सक्रिय हैं। आप उनके आधिकारिक फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल या यूट्यूब चैनल के माध्यम से उनसे संपर्क कर सकते हैं। इन प्लेटफ़ॉर्म्स पर उनके प्रवचनों, कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की जानकारी भी उपलब्ध होती है।

स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा कैसे प्राप्त करें?

यदि आप स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा लेना चाहते हैं, तो आपको अपने जीवन में कुछ बदलाव करने होंगे:

– मांसाहार और नशे का पूर्णतः त्याग करें।
–  21 दिनों तक लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
– स्वच्छता और सात्विक जीवनशैली अपनाएं।
– नियमित रूप से मंत्र जाप और ध्यान करें।

हरिद्वार जाकर दीक्षा समारोह में भाग लें

स्वामी कैलाशानंद गिरि जी दीक्षा समारोह का आयोजन करते हैं, जिसमें एक साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं को दीक्षा दी जाती है।

– इस आयोजन में भाग लेने के लिए आपको पहले अपना नाम पंजीकृत करवाना होगा।
– दीक्षा समारोह की तारीखें और स्थान की जानकारी आपको आश्रम में संपर्क करके मिल सकती हैं।

कुछ भाग्यशाली श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से भी स्वामी जी से दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से स्वामी जी की इच्छा पर निर्भर करता है।

 और पढ़ें: Who is Swami Kailashanand Giri: स्वामी कैलाशानंद गिरि का बिहार से आध्यात्मिक शिखर तक का सफर, उनका आशीर्वाद पाकर स्टीव जॉब्स की पत्नी बनीं शिष्या

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds