Morocco King Mohammed VI: मोरक्को में इस साल बकरीद पर कुर्बानी पर रोक, राजा मोहम्मद VI की जनता से अपील

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 फ़रवरी 2025, 05:30 AM Updated: 28 फ़रवरी 2025, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Morocco King Mohammed VI: मोरक्को के राजा मोहम्मद VI ने इस साल ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर कुर्बानी न करने की अपील की है। इसका कारण देश में भयंकर सूखा और मवेशियों की भारी कमी को बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ सालों में भेड़ों की संख्या 38% तक घट गई है और इस साल बारिश औसत से 53% कम हुई, जिससे चारागाहों की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस फैसले के पीछे आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई भी एक अहम वजह है, जिससे कई परिवारों के लिए कुर्बानी के लिए भेड़ खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है।

और पढ़ें: US Airforce crisis: अमेरिकी वायुसेना को करारा झटका! F-15EX की बेजोड़ ताकत ने F-35 और F-22 को पछाड़ा, क्या चीन के मुकाबले टिक पाएगा USA?

राजा मोहम्मद VI की अपील- Morocco King Mohammed VI       

राजा मोहम्मद VI की ओर से यह संदेश मोरक्को के धार्मिक मामलों के मंत्री अहमद तौफीक ने बुधवार को राष्ट्रीय टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा,
“हमारी प्राथमिकता यह है कि धार्मिक परंपराओं को सुविधाजनक बनाया जाए, लेकिन हमें वर्तमान आर्थिक और जलवायु परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा।”

इस घोषणा के साथ ही सरकार ने मवेशियों, भेड़ों, ऊंटों और रेड मीट के आयात पर सभी प्रकार के कर और वैट हटा दिए हैं, ताकि घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित रह सकें। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया से 100,000 भेड़ों के आयात का समझौता भी किया गया है, जिससे देश में मांस की उपलब्धता बनी रहे।

पहले भी लागू हो चुका है ऐसा आदेश

मोरक्को में 99% से अधिक आबादी मुस्लिम है, और बकरीद पर कुर्बानी देना एक बेहद महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब मोरक्को में ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी को लेकर अपील की गई हो। 1966 में, किंग हसन II ने भी इसी तरह का फैसला लिया था, जब देश को लंबे सूखे और खाद्य संकट का सामना करना पड़ा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय आर्थिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

भेड़ों की संख्या में गिरावट और बढ़ती महंगाई

मोरक्को में मवेशियों की घटती संख्या और महंगाई एक गंभीर मुद्दा बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • पिछले एक दशक में भेड़ों की संख्या 38% कम हो गई।
  • बारिश का स्तर पिछले 30 सालों की तुलना में 53% तक कम रहा।
  • पिछले साल 55% परिवारों को कुर्बानी के लिए भेड़ खरीदने के लिए कर्ज लेना पड़ा।
  • एक सामान्य भेड़ की कीमत कई परिवारों की मासिक आय के बराबर हो चुकी है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए, राजा मोहम्मद VI ने इस साल जनता से अपील की है कि वे कुर्बानी की परंपरा को बदलने और परिस्थितियों के अनुसार इसे अपनाने का प्रयास करें।

ईद-उल-अजहा: कुर्बानी का त्योहार

ईद-उल-अजहा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम में त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी की घटना को याद दिलाता है, जब अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक भेड़ भेजी थी।

यह त्योहार दुनियाभर के मुस्लिम देशों, सेनेगल से लेकर इंडोनेशिया तक बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। मोरक्को जैसे देशों में यह परंपरा इतनी गहराई से जुड़ी हुई है कि कई लोग कुर्बानी के लिए कर्ज लेने तक को मजबूर हो जाते हैं।

और पढ़ें: Russia Ukraine conflict: 3 साल की जंग का लेखा-जोखा… 18% सिकुड़ गया यूक्रेन, रूस की प्रतिष्ठा को भी बड़ा झटका!

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds