Dalit Kitchens of Marathwada: जानिए कैसे एक दलित की रसोई ने पकवानों के ज़रिए अपने संघर्ष को व्यक्त किया
दलित होना अपने आप में एक संघर्ष है। अगर आप दलित हैं तो आपको समाज में जीने के हर अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, यहां तक कि यह संघर्ष आपकी रसोई में भी दिखाई देगा। मराठी लेखक शाहू पटोले की किताब ‘मराठवाड़ा के दलित रसोई’ (Dalit Kitchens of Marathwada) को पढ़ने के बाद आपको...
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