न्यू इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ कनाडा की सड़कों पर उतरे भारतीयों समेत 70,000 छात्र, जानें छात्रों को किस बात का है डर

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 अगस्त 2024, 05:30 AM Updated: 28 अगस्त 2024, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

कनाडा में हज़ारों अंतरराष्ट्रीय छात्र सरकार द्वारा हाल ही में किए गए नीतिगत बदलावों के बाद संभावित निर्वासन के डर से सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल, 70,000 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय छात्रों को कनाडा से निकाले जाने का ख़तरा है और इसका सबसे ज़्यादा असर भारतीय छात्रों पर पड़ेगा। हाल ही में कनाडा सरकार ने फेडरल इमिग्रेशन पॉलिसी (Federal immigration policies) में बदलाव किए हैं और इनके कारण अंतरराष्ट्रीय छात्रों को निष्कासन का सामना करना पड़ सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ छात्रों के वर्क परमिट इस साल के आखिर में खत्म हो रहे हैं और कनाडा सरकार उन्हें बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। निर्वासन के डर से छात्र पूरे कनाडा में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि उनके वर्क परमिट बढ़ाए जाएं। इसके साथ ही छात्र स्थायी निवास की भी मांग कर रहे हैं।

और पढ़ें: Telegram के CEO Pavel Durov फ्रांस में हुए गिरफ्तार, जानें क्या है आरोप और क्या बोला टेलीग्राम

यहां हो रहे विरोध प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के समूहों ने प्रिंस एडवर्ड आइलैंड (पीईआई), ओंटारियो, मैनिटोबा और ब्रिटिश कोलंबिया समेत कई प्रांतों में शिविर लगाए हैं। इस दौरान वे रैलियां भी आयोजित कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में सैकड़ों छात्र आव्रजन नियमों में बदलावों को चुनौती देते हुए करीब तीन महीने से विधान सभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

70,000 students protest against Canada's new immigration policy
Source: Google

छात्रों ने सुनाई आपबीती

निर्वासन का सामना कर रहे छात्र महकदीप सिंह ने सिटी न्यूज टोरंटो के जरिए मीडिया से बात की। सिंह ने कहा, “मैंने कनाडा आने के लिए छह साल तक जोखिम उठाया। पढ़ाई की, काम किया, टैक्स चुकाया और सीआरएस स्कोर हासिल किया, लेकिन अब ऐसा लगता है कि सरकार ने मेरा फायदा उठाया है।” आपको बता दें कि कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय छात्र परमिट आवेदनों पर भी सीमा लगाने का फैसला किया है और यह भी छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के मुताबिक साल 2024 में करीब 3,60,000 परमिट मंजूर किए जा सकते हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 35 फीसदी कम है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी सोमवार (26 अगस्त) को कहा कि कनाडा में अस्थायी नौकरी करने वाले विदेशियों की संख्या कम की जाएगी। आपको बता दें कि ट्रूडो सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ेगा क्योंकि कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हैं।

70,000 students protest against Canada's new immigration policy
Source: Google

नई फेडरल इमिग्रेशन पॉलिसी क्या हैं?

कनाडा सरकार ने स्थायी निवास के लिए नामांकन में 25% की कटौती की घोषणा की है, जिससे हजारों छात्रों को निर्वासन का खतरा है। बहुत से छात्रों का कहना है कि उन्होंने स्थायी निवास पाने के लिए अपने परिवार के जीवन के संसाधनों से कनाडा में अपनी पढ़ाई का खर्च उठाया। लेकिन नवीनतम विधायी परिवर्तन ने उनके लक्ष्यों को सीमित कर दिया है और उनके भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

और पढ़ें: अफ्रीका से आया मंकीपॉक्स पूरी दुनिया में फैला रहा है दहशत, UN ने जताई चिंता, जानें कैसे पहचाने लक्षण

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds