Share Market Alert: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि अगले 5 दिनों तक ईरान के एनर्जी ठिकानों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। यानी अमेरिका ने फिलहाल अपनी संभावित सैन्य कार्रवाई को रोक दिया है।
बातचीत को मौका, हमले पर अस्थायी रोक (Share Market Alert)
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक हाल की बातचीत “काफी अच्छी” रही है और अब स्थायी समाधान की उम्मीद दिखने लगी है। ऐसे में अमेरिका ने फिलहाल हमले टालकर कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और सैन्य टकराव की आशंका गहराने लगी थी।
वैश्विक बाजारों में तुरंत असर
इस घोषणा का असर सीधे ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिला। अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में तेजी आई है और Dow Futures करीब 1.5% ऊपर दिख रहा है। निवेशकों को लग रहा है कि हालात बिगड़ने के बजाय सुधर सकते हैं। भारत में भी इसका असर दिखा। Gift Nifty में करीब 4% यानी लगभग 900 अंकों की तेज उछाल देखने को मिली। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बाजार में बड़ी गिरावट के बाद अब जोरदार रिकवरी हो सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली तस्वीर मंगलवार को बाजार खुलने के बाद ही साफ होगी।
सोमवार को बाजार में मचा था हड़कंप
इससे पहले सोमवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1836 अंक गिरकर 72,696 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 601 अंक टूटकर 22,512 पर आ गया। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के डर की वजह से आई थी। निवेशक लगातार जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे थे।
तनाव की जड़: एनर्जी ठिकानों पर हमले और होर्मुज विवाद
दरअसल, पिछले हफ्ते मिडिल ईस्ट में एनर्जी ठिकानों पर हमलों ने हालात और बिगाड़ दिए थे। इसके साथ ही Strait of Hormuz को लेकर विवाद भी तेज हो गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा डाल रहा है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसी के चलते अमेरिका ने ईरान के एनर्जी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी थी। अब 5 दिन तक हमले न करने का फैसला इसी तनाव को कम करने की कोशिश माना जा रहा है।
कूटनीति को प्राथमिकता, लेकिन खतरा बरकरार
ट्रंप प्रशासन ने रक्षा विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि अगले 5 दिनों तक कोई सैन्य कार्रवाई न की जाए। इस दौरान दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी। यह कदम दिखाता है कि अमेरिका फिलहाल युद्ध से बचकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहता है। लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
5 दिन बेहद अहम, फिर बदल सकता है रुख
अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि अगर इन 5 दिनों में बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तो वह फिर से सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। यानी यह सिर्फ एक अस्थायी राहत है, स्थायी समाधान अभी दूर है।
निवेशकों को राहत, लेकिन नजर बनी रहेगी
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत सफल रहती है, तो न सिर्फ क्षेत्र में स्थिरता आएगी बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलेगी। फिलहाल निवेशकों के बीच थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन सभी की नजर अगले कुछ दिनों पर टिकी है। क्योंकि यही तय करेगा कि हालात शांति की ओर बढ़ेंगे या फिर एक बार फिर तनाव बढ़ेगा।
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