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Shahjahanpur News: सेक्स चेंज स्टोरी! सरिता से शरद बनीं, सविता से की शादी, अब घर में गूंजी बेटे की किलकारी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 Apr 2025, 12:00 AM | Updated: 03 Apr 2025, 12:00 AM

Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक दिलचस्प और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां शरद सिंह, जिन्होंने दो साल पहले अपना जेंडर परिवर्तन कराया था, अब एक बेटे के पिता बने हैं। शरद की पत्नी ने एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के द्वारा बेटे को जन्म दिया है। शरद ने इस खुशी को लेकर कहा कि पिता बनने का अहसास शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और विषम परिस्थितियों से गुजरने के बाद जो खुशी उन्हें मिली है, वह अविस्मरणीय है।

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जेंडर परिवर्तन का कठिन सफरShahjahanpur News

शरद सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। शरद, जो पहले सरिता सिंह के नाम से जानी जाती थीं, ने 2021-22 में अपना जेंडर परिवर्तन कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। उनकी इच्छा हमेशा से लड़के जैसा जीवन जीने की थी, हालांकि शारीरिक रूप से वह लड़की ही थीं। शरद ने अपनी यात्रा की शुरुआत लखनऊ में हार्मोन थेरेपी से की, जिससे उनके चेहरे पर दाढ़ी उगने लगी और आवाज भी भारी हो गई। इस परिवर्तन के बाद उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ गया।

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सर्जरी और कानूनी प्रमाण पत्र की प्रक्रिया

वर्ष 2023 में शरद ने मध्य प्रदेश के इंदौर में सर्जरी करा कर अपना जेंडर पूरी तरह बदलवाया। इसके बाद 27 जून 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने उन्हें जेंडर परिवर्तन का प्रमाण पत्र जारी किया। इसके साथ ही शरद सिंह को कानूनी पहचान भी मिली। यह प्रक्रिया उनके लिए बेहद कठिन थी, क्योंकि समाज में ऐसे परिवर्तन को लेकर कई तरह की सोच और प्रतिक्रियाएं होती हैं। फिर भी शरद ने हार नहीं मानी और समाज की आलोचनाओं से ऊपर उठते हुए अपने सपने को साकार किया।

सपना हुआ पूरा, 26 साल बाद परिवार में बेटे की किलकारी

शरद सिंह ने 23 नवंबर 2023 को सविता सिंह से विवाह किया, जो पीलीभीत जिले के देवहा गांव की निवासी थीं। विवाह के बाद 13 दिसंबर 2023 को सविता सिंह ने एक बेटे को जन्म दिया। शरद ने कहा कि उनकी पत्नी ने 10 से 15 साल पहले खुली आँखों से जो सपना देखा था, वह आज साकार हुआ है। शरद के अनुसार, उनके परिवार में 26 साल बाद किसी बेटे का जन्म हुआ है, जो उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “यह सुख हर इंसान का सपना होता है, लेकिन जिन कठिनाईयों से निकलकर मुझे यह सुख मिला है, वह मेरी जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।”

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शरद का संघर्ष और कामयाबी

शरद सिंह की ज़िन्दगी एक प्रेरणा है, क्योंकि उन्होंने अपनी पहचान और समाज में अपनी जगह बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया। उनका सफर लड़के की तरह जीवन जीने की चाहत से शुरू हुआ था। उन्हें हमेशा लड़के की तरह पहनावा अपनाने की इच्छा थी, लेकिन समाज में उन्हें कई बार ताने सुनने पड़े। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी पहचान को स्वीकारते हुए अपना जेंडर परिवर्तन कराया। शरद अब विकासखंड ददरौल के प्राथमिक विद्यालय सतवा खुर्द में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

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