भारत और दूसरे देशों में Marital Rape को लेकर क्या है कानून? किन देशों में माना जाता है इसे अपराध और कहां नहीं?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 12 मई 2022, 05:30 AM Updated: 12 मई 2022, 05:30 AM
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 मैरिटल रेप का मतलब जब एक पति अपनी पत्नि की सहमति के बिना जबरन संबंध बनाता है। पिछले कुछ समय से पूरे देश में इसी मुद्दे को लेकर बहस होती हुई दिख रही है। मैरिटल रेप सही है या गलत, इस पर कानून बनना चाहिए या नहीं…इस पर तो हर कोई अपनी अपनी राय देता नजर आ रहा है। हालांकि ये पूरा बहस मुद्दा बहस से बढ़ता बढ़ता कोर्ट तक जा पहुंचा। मैरिटल रेप पर कानून बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है और इसी को लेकर बुधवार को दिल्ली HIGH COURT के जजों की तरफ से एक फैसला भी आया।   

हाईकोर्ट के जजों की भी राय अलग

मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट में जजों के बीच भी अलग-अलग राय देखने को मिली। यहां दो जजों की बेंच ने बंटे हुए फैसले किए। एक जज का मानना था कि शादी के बाद पत्नी से मर्जी के खिलाफ संबंध बनाना अपराध नहीं हैं, तो वहीं दूसरे जज का मानना था कि IPC की धारा 375, संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। इसके तहत पत्नी की मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाना मैरिटल रेप माना जाना चाहिए और ये एक दंडनीय अपराध है। हालांकि दोनों जजों की बेंच की बात नहीं बनी जिसके बाद अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकता है।

भारत में मैरिटल रेप पर कानून?

मैरिटल रेप को लेकर भारत के कानून की बात करें तो अगर आरोपी महिला का पति है तो उस पर रेप का केस दर्ज नहीं किया जा सकता। IPC की धारा 375 में रेप को इंट्रोड्यूस किया गया है, इसमें मैरिटल रेप को अपवाद बताया गया है। धारा 375 में अगर पत्नी की उम्र 18 साल से ज्यादा है तो पति द्वारा जबरदस्ती बनाया गया संबंध रेप नहीं माना जाएगा। 

अधिकतर देशों में मैरिटल रेप है अपराध

मैरिटल रेप को लेकर हमारे देश में तो कोई कानून नहीं है। ना ही इसे अपराध माना जाता है। हालांकि कई देश ऐसे में जिसमें मैरिटल रेप को अपराध माना जाता है। मैरिटल रेप को लेकर सबसे पहले पोलैंड में कानून आया। इसके बाद 1970 तक  स्वीडन, नॉर्वे, डेनमार्क, सोवियत संघ, चेकोस्लोवाकिया जैसे देशों ने भी इसे अपराध घोषित कर दिया। वहीं इन सबके बाद 1976 में ऑस्ट्रेलिया और 80 के दशक में साउथ अफ्रीका, आयरलैंड, कनाडा और अमेरिका, न्यूजीलैंड, मलेशिया, घाना और इजराइल भी मैरिटल रेप को अपराध मानने की लिस्ट में शामिल हो गए।

संयुक्त राष्ट्र ( United Nation) की प्रोग्रेस ऑफ वर्ल्ड वुमन की जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2018 तक दुनिया के लगभग 185 देशों में केवल 77 देश ही ऐसे थे जहां वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित करने को लेकर स्पष्ट कानून हैं। बाकी बचे 74 देशों में महिलाओं के लिए अपने पति के खिलाफ रेप के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज करने के प्रावधान हैं। 

भारत उन 34 देशों में शामिल, जहां…

सबसे हैरान करने वाली रिपोर्ट ये है कि दुनिया के 185 देशों में से 34 देश ऐसे हैं जहां ना तो मैरिटल रेप के अपराध है और ना ही महिला अपने पति के खिलाफ दुष्कर्म के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज कर सकती हैं। हैरतअंगेज इन 34 देशों में भारत भी शामिल है।

इसके अलावा दुनिया के कुल 12 देश ऐसे भी है जहां इस तरह के प्रावधान हैं, जिसमें बलात्कारी अगर महिला से शादी कर लेता है तो उसे आरोपों से बरी कर दिया जाता है। गौरतलब है कि इस प्रावधान को यूएन बेहद भेदभावपूर्ण और मानवाधिकारों के खिलाफ मानता है। जाहिर तौर पर संयुक्त राष्ट्र पहले ही दुनियाभर के देशों से मैरिटल रेप को लेकर सख्त और कड़ा कानून बनाने की अपील कर चुका है। 

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