वैक्सीन का दोनों डोज लेने के बाद हुई 10 हजार डॉक्टरों की मौत? रामदेव पर देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 मई 2021, 05:30 AM Updated: 27 मई 2021, 05:30 AM
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देश और दुनिया में योग गुरु के नाम से पहचान बनाने वाले बाबा रामदेव के सुर अब बदले-बदले से लग रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने ऐलोपैथी मेडिसीन और डॉक्टर्स पर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और पत्र लिखकर बयान वापस लेने की मांग की थी। 

जिसके बाद रामदेव ने अपना बयान वापस लिया था। इतना सब होने के बाद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने रामदेव पर 1,000 करोड़ रुपये के मानहानि का केस किया है और उन्हें नोटिस भी भेज दिया है। 

जिसमें उन्हें अगले 15 दिन में लिखित माफी मांगने को कहा गया है। दूसरी ओर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और कोरोना वैक्सीन पर दिए गए रामदेव के बयानों को लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।

वैक्सीन लेने के बाद 10000 डॉक्टरों की मौत का दावा

आईएमए ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में बाबा रामदेव द्वारा दिए गए बयानों का जिक्र किया है। पत्र में कहा गया है कि ‘पतंजलि के मालिक रामदेव के टीकाकरण पर गलत सूचना के प्रचार को रोका जाना चाहिए। एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं। उन पर देशद्रोह के आरोपों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।‘

दरअसल, रामदेव ने एक वीडियो में इस बात का दावा किया था कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद दस हजार से अधिक डॉक्टर और लाखों लोगों की मौत हो गई है। उनके इसी बयान को लेकर आईएमए ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर देशद्रोह के तहत रामदेव पर कार्रवाई करने की मांग की है।

76 घंटे के अंदर हटाए कोरोनिल किट के भ्रामक विज्ञापन

बता दें, बीते दिन बुधवार को आईएमए उत्तराखंड ने बाबा रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा और कोरोनिल पर झूठा विज्ञापन का आरोप लेते हुए उसे वापस लेने की मांग की। पत्र में IMA ने कहा है कि यदि बाबा रामदेव 15 दिनों के अंदर खंडन वीडियो और लिखित माफी नहीं मांगते हैं तो उनसे 1,000 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी। इसके अलावा रामदेव से 76 घंटे के अंदर कोरोनिल किट के भ्रामक विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने को भी कहा है।

बताते चले कि पतंजलि की यह वही कोरोनिल दवा है जिसे रामदेव ने कोरोना की दवा बताकर लॉन्च किया था। बाद में बढ़ते विवाद के बाद इसे इम्यूनिटी बुस्टर बताया गया। लेकिन पतंजलि की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि कोरोनिल से लाखों-करोड़ो लोग ठीक हुए हैं। उनके पास इसके पूरे डिटेल्स हैं। अब बाबा ने ऐलोपैथी और डॉक्टर्स को लेकर नया राग अलापा है। जिसे लेकर बवाल मचा हुआ है।

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