Car maintenance tips: अगर आप सोच रहे हैं कि अपनी कार को लंबे समय तक स्मूथ कैसे चलाएं और बार-बार होने वाले महंगे रिपेयर से कैसे बचें, तो समझ लें कि कीमत चाहे जो भी हो, सही मेंटेनेंस बहुत ज़रूरी है। तो चलिए आपको इस लेख में कार मेंटेनेंस के कुछ टिप्स के बारे में details के बारे में बताते है। जो आपकी कार की लाइफ बढ़ाने और उसकी वैल्यू बनाए रखने में मदद करेंगे।
इंजन और फ्लूइड्स की देखभाल (Engine & Fluids)
कहते है इंजन कार का दिल होता है, और इसका रखरखाव बहुत ज़रूरी है। हर महीने डिपस्टिक का इस्तेमाल करके इंजन ऑयल का लेवल और कलर चेक करें। ऑयल आमतौर पर हर 10,000 km पर बदलना चाहिए। अगर ऑयल काला या गाढ़ा है, तो उसे तुरंत बदल दें। कूलेंट इंजन को ज़्यादा गरम होने से बचाता है। चेक करें कि कूलेंट का लेवल कम न हो। इसे हर 2 साल या 40,000 km पर बदलना चाहिए। इसके अलावा, ब्रेक फ्लूइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड को रेगुलर चेक करें। साथ ही ज़रूरत के हिसाब से ब्रेक फ्लूइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड टॉप अप करें।
टायरों का रखरखाव (Tyre Care)
आम तौर पर, कार के लिए अच्छे टायर बहुत ज़रूरी होते हैं। वे न सिर्फ़ फ्यूल एफिशिएंसी पर असर डालते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी बहुत ज़रूरी हैं। अपने टायरों का प्रेशर हर हफ़्ते ज़रूर चेक करें, क्योंकि कम प्रेशर से माइलेज कम होता है और टायर जल्दी घिस जाते हैं। जिसके कारण बार बार गाड़ी का मैन्टेंस का खर्चा बढ़ता है। सभी चारों टायरों पर एक जैसा घिसाव सुनिश्चित करने के लिए, हर 5,000 से 8,000 किलोमीटर पर अपने टायरों को रोटेट करें (आगे से पीछे)। इसके अलावा, अगर आपकी गाड़ी एक तरफ खींच रही है या टायर असमान रूप से घिस रहे हैं, तो तुरंत व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग की जांच करवाएं।
फिल्टर्स की सफाई (Filters)
Polluted एन्मेंविरोमेंट में, आपकी कार का एयर फ़िल्टर जाम हो सकता है, जिस पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते। लेकिन इसे नज़रअंदाज़ न करें! गंदा एयर फ़िल्टर इंजन तक साफ़ हवा नहीं पहुँचने देता, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। लेकिन अगर आप इसे हर 10,000 km पर बदलें या साफ़ करें तो आप बार-बार के खर्च से बच सकते है। केबिन के अंदर साफ़ हवा के लिए, अपने AC फ़िल्टर को रेगुलर साफ़ करवाएँ।
बैटरी और इलेक्ट्रिकल्स (Battery & Electricals)
अब कई गाड़ियां इलेक्ट्रिक हैं और बैटरी से चलती हैं, लेकिन बैटरी को रेगुलर चेक करना चाहिए। ताकि बैटरी टर्मिनलों पर जंग न लग पाए और इसे गर्म पानी और ब्रश से साफ किया जा सकता है। इसके अलवा हेडलाइट्स, इंडिकेटर्स और ब्रेक लाइट्स की नियमित जांच करें ताकि रात में ड्राइविंग सुरक्षित रहे। ताकि कोई बड़ी घटना न हो पाए।
सफाई और बाहरी सुरक्षा (Cleaning & Body Care)
आप ने कई बार देखा होगा लोग गाड़ी तो ले लेते है। लेकिन उनका रख-रखाव नहीं सही से नहीं करते हैं। जिसके कारण मैन्टेंस का खर्च बढ़ जाता हैं और धूल और मिट्टी गाड़ी के पेंट को खराब कर देती है। बता दें, कार को धोने के लिए हमेशा ‘कार शैम्पू’ का इस्तेमाल करें, घर के डिटर्जेंट का नहीं, नहीं तो गाड़ी का रंग हल्का पड़ सकता हैं। इसके अलवा साल में एक या दो बार कार पर वैक्स पॉलिश करवाएं, इससे पेंट की चमक बनी रहती है और सूरज की किरणों से बचाव होता है।
जरूरी सर्विस शेड्यूल (Service Schedule)
| पार्ट्स – Parts | कब चेक/बदलें? |
| इंजन ऑयल | हर 10,000 किमी या 1 साल |
| एयर फिल्टर | हर 10,000 किमी |
| ब्रेक पैड्स | हर 20,000 किमी पर जांचें |
| स्पार्क प्लग | हर 40,000 – 60,000 किमी |
| बैटरी | हर 3-4 साल में बदलें |
इसके अलवा इस बता ध्यान दें, अगर आपकी कार लंबे समय से पार्क है, तो बैटरी और टायरों को अच्छी कंडीशन में रखने के लिए उसे हफ़्ते में कम से कम एक बार ज़रूर स्टार्ट करें और थोड़ी दूर तक चलाएं। ताकि वो सही सलामत बनी रही है साथ ही ऐसा करने से मैनेटैंस का खर्च भी नहीं आता है।
