स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के लिए 70 सालों तक राज करने वाली सरकारें जिम्मेदार…बोले गृहमंत्री

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 अप्रैल 2021, 05:30 AM Updated: 20 अप्रैल 2021, 05:30 AM
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देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2 लाख 59 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं. दिल्ली समेत कई राज्यों में कोरोना के खतरे को देखते हुए कुछ दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है. अस्पतालों में बेड की कमी, वेंटिलेटर्स की कमी, दवाईयों की कमी समेत कई मामले सामने आ रहे हैं। 

तमाम राजनीतिक पार्टियां इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। देश में कोरोना को दस्तक दिए 1 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। पिछले लॉकडाउन में देश ने कई तरह की स्थिति और परिस्थितियों को देखा। पिछले समय भी बेड्स और वेंटिलेटर्स की कमी देखी गई थी। 

अब 1 साल बाद भी स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई है। इसी बीज बीजेपी के एक दिग्गज नेता ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे विपक्षी पार्टियों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वे पार्टियां, जिनकी सरकारों ने 70 सालों तक देश में राज किया।

‘विज्ञापन पर खर्च की बजाए दवाईयों पर करें खर्च’

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा, 70 सालों तक देश पर राज करने वाली पार्टियों ने कभी भी स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे पर ध्यान ही नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी देश में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा तैयार ही नहीं किया और आज वह कमी की बात कर रहे हैं। बीजेपी नेता बोले कि इन कमियों के लिए सही मायने में पिछली सरकारें ही दोषी हैं.

अनिल विज ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा, दिल्ली के सीएम केजरीवाल रोज मीडिया पर इतना खर्च करके आकर बोल रहे हैं। अनिल विज ने तंज कसते हुए कहा कि वह जितना पैसा विज्ञापन पर खर्च कर रहे हैं उन्हें उसे दवाईयों पर खर्च करना चाहिए। दवा अगर देश में नहीं मिल रही है तो उन्हें बाहर से मंगवा लिया जाए। गृहमंत्री ने कहा, अगर दिल्ली में किसी चीज की कमी है तो उन्हें इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

केजरीवाल ने केंद्र पर लगाए थे गंभीर आरोप

बता दें, कोरोना के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राज्य में 7 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया है। राज्य में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने यह फैसला लिया। दूसरी ओर केजरीवाल लगातार केंद्र सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। वह केंद्र सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि दिल्ली को जरुरी चीजें नहीं दी जा रही है। 

वह केंद्र से लगातार ऑक्सीजन की मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली ऑक्सीजन की तीव्र कमी का सामना कर रही है। तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर, दिल्ली को सामान्य आपूर्ति की तुलना में बहुत अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता है। 

आपूर्ति बढ़ने के बजाय, हमारी सामान्य आपूर्ति में तेजी से कमी आई है और दिल्ली के कोटा को अन्य राज्यों में भेज दिया गया है। दिल्ली में ऑक्सीजन इमरजेंसी है। केजरीवाल के इन्हीं आरोपों को लेकर हरियाणा के गृहमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अनिल विज हमलावर हैं।

दिल्ली में अब तक 12,361 मौतें

गौरतलब है कि कोरोना को लेकर देश की हालत गंभीर होती जा रही है। रोजाना आ रहे सबसे ज्यादा नए मामलों में भारत दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें लगातार कोशिशों में लगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में एक्टिव मामलों की संख्या 76,887 पहुंच गई है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 240 लोगों की जान गई है जिसके बाद राज्य में कोरोना से मरने वाले कुल लोगों के आंकड़े 12,361 पहुंच गए हैं।

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