जानिए गुरु गोबिंद सिंह जी ने एक तुर्क राजकुमारी के प्रश्नों के क्या उत्तर दिए?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 नवम्बर 2023, 05:30 AM Updated: 09 नवम्बर 2023, 05:30 AM
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गुरु गोबिंद सिंह जी की सांखी में एक बहुत प्यारी और प्रेरणादायक कहानी का वर्णन किया गया है. जिसमें एक राजकुमारी गुरु गोबिंद सिंह जी से कुछ सवाल करती है और गुरु गोबिंद सिंह जी उनका जवाब देते है. गुरु गोबिंद सिंह जी की सांखी की ये कहानी बहुत प्रेरणादायक है. जम्बा की राजकुमारी एक सिख से प्रेम करती है और कविताएँ भी लिखती है. वह राजकुमारी एक तुर्कनी थी, जो गुरुओं के विरोधी थे, लेकिन यह राजकुमारी गुरु जी को बहुत मानती थी, गुरुबानी भी पढती थी. इसीलिए राजकुमारी को पता चला कि उसी शहर में गुरु गोबिंद सिंह जी आए है, राजकुमारी ने अपने पिता से गुरु जी मिलने के लिए आज्ञा मांगी और राजकुमारी गुरु जी मिलने चली गयी. आज हम आपको हमारे इस लेख से बताएंगे कि राजकुमारी ने गुरु गोबिंद सिंह जी से कौन से 5 सवाल किए और गुरु गोबिंद सिंह जी जी ने उन सवालों का क्या जवाब दिया.

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राजकुमारी के गुरु जी से कुछ सवाल 

राजकुमारी गुरु जी से पूछती है कि गुरु जी वह पहली वास्तु कौन सी होती है जो मनुष्य को जन्म के बाद प्राप्त होती है? गुरु जी कहते है कि पिछले जन्म में जब आपने गुरु की सेवा की होगा जब जाकर आपको इंसान का शारीर मिलता है इसका मतलब है कि आपके अच्छे कर्मो से आपको इंसान की जूनी में जन्म मिलता है.

राजकुमारी गुरु जी से पूछती है कि गुरु जी वह दूसरी वस्तु कौन सी है जो हमारे जन्म-मृत्यु के चक्र तक हमारे साथ रहती है? गुरु जी कहते है कि इंसान की दुविधा उसके मरण तक साथ रहती है उसका साथ नहीं छोडती है.

राजकुमार गुरु जी से पूछती है कि गुरु जी एक मनुष्य जन्म-मरण के चक्र में कैसे फसता है. हमारी जूनी कैसे निर्धारित होती है ? गुरु जी ने इसका जवाब दिया कि जब इंसान गुरु से अपना ध्यान हटा कर, संसार की ओर चीजों से आकर्षित होता है तो इंसान आवागमन के चक्र में फटा है. हमारी जूनी हमारे पुराने जन्म के कर्मो से निर्धारित होती है.

राजकुमारी गरु जी से पूछती है कि गुरु जी जब हम इस दुनिया में आते है तो हमारे कर्म कैसे कमाते है? गुरु जी बताते है कि हमारे पिछले जन्मों के कर्म जब तक हम भोग नहीं लेते तब तक वो कर्म मिटे नहीं है.

राजकुमारी गुरु जी से पूछती है कि गुरु जी अगर हम हमारे कर्मो का भुगते बिना मर जाएं तो क्या होता है? गुरु जी राजकुमारी के सवाल का जवाब देते ही बताते है कि हम हमारे कर्म भोगने ही इस दुनिया में आते है. और जब आपने कर्मो को भोग लेते है तो हमारे कर्म आगले जन्म के लिए होते है.

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