Budget 2023: बजट के बाद क्या होगा बड़ा बदलाव ? किन सामानों की बढ़ेगी कीमत, किनका घटेगा दाम,

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 31 जनवरी 2023, 05:30 AM Updated: 31 जनवरी 2023, 05:30 AM
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जानिए कैसा होगा साल 2023 का बजट 

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) द्वारा सुबह 11 बजे देश का आम बजट (Budget 2023) पेश किया जायेगा. उम्मीद है की इस बार अलग- अलग सेक्टर्स में कई सारे प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) में इजाफा किया जाये, जो कि निजी जीवन से जुड़े सामानों की लिस्ट में नहीं आते.

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आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देगा बजट-2023

प्रधानमंत्री मोदी (Pm modi ) की आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) की मुहिम को और मजबूती और रफ़्तार देने इस बार के बजट में भारत में आयात किये जाने वाले आइटम्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने की घोषणा की जा सकती है और इस कदम से सरकार की मेक इन इंडिया (Make In India) योजना को प्रोत्साहन और साथ ही साथ डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. इस कदम से छोटे स्टार्टप्स को काफी हद तक ग्रो करने में मदद मिलेगी. आयात को कम करने और घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस बार लगभग 35 से अधिक सामानों की कस्टम ड्यूटी बढाने की तैयारी में है . इस लिस्ट में प्राइवेट जेट, हेलीकाप्टर, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक आइटम, प्लास्टिक के सामान, ज्वैलरी, हाई-ग्लॉस पेपर और विटामिन जैसे आइटम्स भी शामिल हो सकते हैं.

उद्योग मंत्रालय की सिफारिश पर बनी लिस्ट

भारत सरकार (India goverment) इस बार जिन आइटम्स पर कस्टम ड्यूटी को महंगा करने की योजना बना रही है उनकी लिस्ट भी अलग अलग मंत्रालयों से मिली है ऐसे कयास लगाये जा रहें है की समीक्षा के बाद सरकार ने अभी तक 35 सामानों पर ड्यूटी बढ़ने का मन बना लिया है . बीते साल 2022 के दिसम्बर में ही वाणिज्य और उद्दोग मंत्रालय ने सारे मंत्रालयों को उन सामानों की लिस्ट बनाने के आदेश दिए थे जो गैर- जरूरी सामानों की लिस्ट में आते हैं जिनपर ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है

ड्यूटी बढ़ने से कम होगा घाटा

करंट अकाउंट (Current account) के घाटे को लेकर भी सरकार आयात कम करने की कोशिश में है. दरअसल बात ये है की 2022 के जुलाई से सितम्बर में करंट अकाउंट का 9 महीने के सबसे अधिक 4.4 प्रतिशत पहुँच गया था . डेलॉयट द्वारा हल ही में जारी रिपोर्ट ये बताया गया था की चालू खाते की घाटे में में बढ़ोतरी की आशंका अभी भी बरक़रार है .लगातार बढ़ रहे इम्पोर्ट बिल(import bill) के खतरे के अलावा, एक्सपोर्ट पर भी 2023-24 में महंगाई का दबाव पड़ने की आशंका है. Local Demand ने जिस तरह से एक्सपोर्ट ग्रोथ को पीछे छोड़ा है उससे अनुमान है कि मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट(MTD) 25 अरब डॉलर प्रति महीना रह सकता है. ये आंकड़ा चालू खाते के घाटे को GDP के 3.2 से 3.4 फीसदी के बराबर रखने में कामयाब हो सकता है. 

आयात घटाने की नई सोच, नई योजना

अलग-अलग सेक्टर्स में ऐसे कई सारे आइटम्स पर ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है, जो आमतौर पर जरूरी सामानों की केटेगरी में नहीं. इसके अलावा सरकार ने लो क्वालिटी प्रॉडक्ट्स(Low Quality) के इम्पोर्ट को घटाने के लिए कई विभागों में मानक तय किए हैं. इनमें स्पोर्ट गुड्स से लेकर, वुडन फर्नीचर और पोटेबल पानी की बोतलें शामिल हैं. ये घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह के मैन्यूफैक्चर्स के लिए समान हैं. इन स्टैंडर्ड की वजह से चीन से आने वाले कई सस्ते सामान का आयात घट सकता है जो कुछ समय के लिए इन्हें महंगा बना सकता है.

‘Make In India’ के लिए बढ़ेगी आयात की फीस

पीएम मोदी द्वारा 2014 में लांच किये गए ‘मेक इन इंडिया’ कैंपेन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से सीमा शुल्क भी भी बाधा सकती है .पिछले साल के बजट में वित्तमंत्री ने आर्टिफीसियल ज्वेलरी, छाते और इयरफ़ोन जैसे सामानों पर आयात शुल्क को बढाकर इनके डोमेस्टिक प्रोडक्शन पर जोर दिया था . इस तरह से इस साल भी कई सारे सामानों पर import ड्यूटी लग सकती है जिससे  मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी.

सोने और अन्य ज्वैलरी भी हो सकती हैं सस्ते

पिछले साल में पेश हुए बजट में सरकार ने गोल्ड के आयात शुल्क को 10.75 प्रतिशत से 15 प्रतिशत कर दिया था सरकार ने एविएशन , इलेक्ट्रॉनिक्स, और स्टील सेक्टर में ड्यूटी को ख़त्म कर दिया था लेकिन इस साल के बजट में ‘मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ ने सोने और कुछ एनी आभूषणों पर आयातशुल्क घटाने का सुझाव दिया है .जिससे देश में ज्वेलरी और अन्य फिनिस आइटम्स का एक्सपोर्ट बढ़ने में काफी मदद मिलेगी . अगर बात करें इंडस्ट्री की डिमांड्स की तो ‘जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स’ की डिमांड है कि बजट में लैब डायमंड्स के कच्चे माल पर आयात शुल्क को खत्म किया जाए. इसके साथ ही ज्वैलरी रिपेयर पॉलिसी के ऐलान की भी मांग की गई है. इसके अलावा सरकार से स्पेशल नोटिफाइड जोन में हीरों की बिक्री पर अनुमानित टैक्स लगाने का सुझाव भी दिया है और SEZ के लिए लाए जा रहे नए देश विधेयक को लागू करने की भी मांग की गई है. इंडस्ट्री ने बजट में ‘डायमंड पैकेज’ के ऐलान की गुज़ारिश की है.

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