कांग्रेस के नए अध्यक्ष बने खड़गे को पार्टी को मजबूत करने के लिए इन चुनौतियां का करना होगा सामना

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 अक्टूबर 2022, 05:30 AM Updated: 20 अक्टूबर 2022, 05:30 AM
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अध्यक्ष बनने के बाद खड़गे के सामने होंगी ये अहम चुनौतियां

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अब कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष होंगे और 24 साल बाद कोई गैर-गांधी इस अध्यक्ष के पद पर विराजमान होगा. दरअसल, बुधवार को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव का रिजल्ट सामने आया है और इन चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे की जीत हुई और अब वो कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष होंगे. लेकिन इस अध्यक्ष पद मिलने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे को बड़ी चुनौतियों को सामना करना है. 

थरूर को हराकर जीते खड़गे

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर को 6825 वोटों से हराते हुए अध्यक्ष पद हासिल किया है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने शशि थरूर को 6825 वोटों से हराया. जहां खड़गे को 7897 वोट मिले और थरूर को इन चुनाव में महज 1072 वोट ही मिले इसके अलावा 416 वोट रिजेक्ट हो गए। वहीं खड़गे को कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष बन गए और अब अध्यक्ष बनने के बाद उनके सामने पार्टी को मजबूत करने के साथ ही कई बड़ी चुनौतियां होंगी।

गुजरात-हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक चुनाव

कांग्रेस के नए अध्यक्ष बनने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतना या यहाँ पर ज्यादा से ज्यादा सीट जीतना पहली चुनौती होगी. वहीं साल 2023 की शुरुआत में कर्नाटक में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। इन तीनों ही राज्यों में कांग्रेस को दम दिखाना होगा.

छोटे नेताओं और कार्यकर्ता सम्मान दिलाना

खड़गे पर पार्टी के मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले छोटे नेताओं और कार्यकर्ता के साथ मिलकर काम करना होगा. तभी जाकर कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी और इसकका असर चुनाव में भी देखने को मिलेगा.

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी राज्यसभा सांसद नहीं

राज्यसभा में 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कांग्रेस पार्टी का एक भी सांसद नहीं है और इन राज्यों में  हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्क्मि, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव में करारी हार से भी राज्यसभा में कांग्रेस के सांसदों की संख्या घटी है। ऐसे में खड़गे इन राज्यों में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए एक ठोस कदम उठाना होगा.

विधायक की कमी को पूरा करना

6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। 1967 में देश के 11 राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। वहीं, 1985 में ये बढ़कर 12 राज्यों में हो गई। हालांकि, अब हाल ये है कि देश के 6 राज्यों में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है।

उत्तर प्रदेश में विधायक की संख्या में बढ़ोतरी

देश की सबसे ज्यादा लोकसभा और विधानसभा सीटों वाला राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को विधायक की संख्या में बढ़ोतरी करनी होगी.

3 राज्यों में कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए अगली चुनौती वो 3 राज्य भी हैं, जहां कांग्रेस अपने दम पर नहीं बल्कि दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर गठबंधन वाली सरकार चला रही है। ये राज्य झारखंड, तमिलनाडु और बिहार हैं। ऐसे में इन राज्यों में भी पूर्ण बहुमत वाली सरकार कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

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