हाईवे पर कार में दरिंदगी से लेकर GDA प्लॉट लॉटरी डेट और लेडी डॉक्टर के सुसाइड तक | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 03 अगस्त 2026, 06:07 PM Updated: 03 अगस्त 2026, 06:07 PM
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Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की आज की पाँच बड़ी और महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ हाजिर हैं हम। आज बुलेटिन में बात होगी GDA की उस बड़ी योजना की जिसका इंतजार 42 हजार से ज्यादा लोग कर रहे हैं, तो वहीं कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली उन अपराधियों की भी बात करेंगे जिन्होंने गाजियाबाद को शर्मसार किया है। साथ ही दिखाएंगे इंदिरापुरम की वो जमीनी हकीकत जिससे हजारों निवासी परेशान हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।

और पढ़ें: कहीं रसूखदारों की धौंस तो कहीं अधूरे विकास कार्यों से जनता त्रस्त | Top 5 Ghaziabad News

GDA प्लॉट लॉटरी का इंतजार खत्म!

गाजियाबाद की पहली खबर जीडीए आवासीय योजना को लेकर जहां GDA की मधुबन बापूधाम आवासीय भूखंड योजना के 350 फ्रीहोल्ड प्लॉट के लिए आवेदन करने वाले 42 हजार से अधिक आवेदकों की ई-लॉटरी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के आसपास आयोजित की जा सकती है।

प्राधिकरण ने आवेदकों के दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) का कार्य अंतिम चरण में पहुंचा दिया है और ई-लॉटरी के जरिए भूखंडों के आवंटन की तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि ऑनलाइन ड्रॉ 15 अगस्त के आसपास होने की संभावना है, लेकिन GDA ने अभी तक ई-लॉटरी की आधिकारिक तिथि (Official Date) जारी नहीं की है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में प्राधिकरण इसका पूरा कार्यक्रम जारी कर सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना में उपलब्ध केवल 350 भूखंडों के लिए 42,511 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे आवंटन के लिए कड़ा मुकाबला होने वाला है। प्लॉट का आवंटन पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित रैंडम ड्रा (ई-लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से होगा, जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। जिन आवेदकों का नाम ई-लॉटरी में नहीं आएगा, उनकी पंजीकरण राशि (Registration Amount) सीधे उनके पंजीकृत बैंक खाते में वापस (Refund) कर दी जाएगी।

इस योजना में 40, 60, 90, 112.50, 115, 120, 150 और 200 वर्ग मीटर के आवासीय प्लॉट शामिल हैं। इन फ्रीहोल्ड भूखंडों की निश्चित दर ₹35,000 प्रति वर्ग मीटर रखी गई है। GDA के नियमों के अनुसार इन प्लॉट्स का उपयोग केवल आवासीय (Residential) कार्यों के लिए ही किया जा सकता है, किसी भी तरह के कमर्शियल उपयोग पर आवंटन रद्द किया जा सकता है।

चलती कार में हाईवे पर छात्रा से 7 घंटे हैवानियत! (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की दूसरी खबर मसूरी थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है, जहां 10 वीं की छात्रा के साथ चलती कार में हैवानियत को अंजाम दिया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 वर्षीय 10वीं की छात्रा को मसूरी थाना क्षेत्र के पास से लिफ्ट देने के बहाने कार सवार आरोपियों ने अगवा किया था।

इसके बाद चलती कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी पीड़िता को बदहवास हालत में कार के अंदर लेकर करीब 7 घंटे तक गाजियाबाद और आसपास की सड़कों पर घुमाते रहे। किशोरी लगातार मदद के लिए चीखती रही, लेकिन आरोपियों ने गाड़ी नहीं रोकी।

देर रात वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को एनएच-9 (NH-9) के किनारे बेसुध हालत में फेंककर फरार हो गए। अगले दिन कुछ राहगीरों की मदद से पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई।

पीड़िता की मां की शिकायत पर गाजियाबाद की मसूरी थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित टीमों ने कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों (मुजाहिद और सलीम) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

दूसरों को खुश रखने वाली डॉ. हेमिका ने क्यों किया सुसाइड? (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की तीसरी खबर राजनगर एक्सटेंशन से चौंका देने वाली खबर सामने आई है। जहां ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी में रहने वाली मशहूर मनोचिकित्सक (Psychiatrist) डॉ. हेमिका अग्रवाल (40 वर्ष) की दुखद मृत्यु का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी और परिजनों के बयानों के अनुसार, वह करीब डेढ़ साल पहले हुए पति से तलाक के बाद गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से जूझ रही थीं। लोगों की काउंसलिंग करने वाली डॉक्टर की इस तरह मृत्यु से शहर के लोग स्तब्ध हैं। गाजियाबाद के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका के पिता डॉ. आर. चंद्रा के अनुसार, तलाक के बाद से वह लगातार गहरे मानसिक तनाव में थीं और उनका उपचार भी चल रहा था।

वह ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी के एक फ्लैट में अकेली रहती थीं और विभिन्न निजी अस्पतालों में मरीजों का उपचार करती थीं। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस उनके मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सहायक पुलिस आयुक्त (नंदग्राम) जियाउद्दीन अहमद के अनुसार, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

पॉश सोसाइटी के फ्लैट में चल रहा था गंदा धंधा! (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से जहां पुलिस ने एक फ्लैट में चल रहे हाईप्रोफाइल देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से मुख्य संचालक दंपती (पति-पत्नी) समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदिरापुरम पुलिस को शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि मुखबिर से सूचना मिली थी कि न्यायखंड-3 स्थित एक फ्लैट में अवैध देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है।

एसीपी इंदिरापुरम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फ्लैट पर छापेमारी की. मौके से पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वाले मुख्य आरोपी अजय गुप्ता, उसकी पत्नी अमिता, और दो अन्य आरोपियों आरिफ व सगुन गुप्ता उर्फ राजन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से एक पीड़ित महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिसे बाद में बयान दर्ज करने के बाद छोड़ दिया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ग्राहकों से संपर्क करने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp) का सहारा लेते थे। वे लड़कियों की तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेजते थे और पसंद आने पर डील फाइनल कर उन्हें फ्लैट पर बुलाते थे। आरोपी गरीब महिलाओं और युवतियों को नौकरी दिलाने और मोटी कमाई का लालच देकर बुलाते थे और फिर उन्हें इस धंधे में धकेल देते थे।

ग्राहकों से वसूली गई मोटी रकम का बड़ा हिस्सा (करीब 70%) संचालक दंपती अपने पास रखता था, जबकि काम करने वाली महिलाओं को केवल 30% हिस्सा ही दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 8,800 नगद बरामद किए हैं। मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को ग्राहकों के नंबर, व्हाट्सएप चैट और देह व्यापार से जुड़े कई पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।

सड़कों पर तेजी से बढ़ते अवैध अतिक्रमण से लोग बेहाल (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की पांचवी खबर इंदिरापुरम क्षेत्र से जहां फुटपाथों और मुख्य सड़कों पर तेजी से बढ़ते अवैध अतिक्रमण के कारण स्थानीय निवासी गंभीर रूप से परेशान हैं, और बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदिरापुरम के शक्ति खंड-1, न्यायखंड, और नीति खंड जैसे प्रमुख इलाकों में फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी, अवैध दुकानें और ठेले सजे हुए हैं।

सड़क किनारे खुली मोटर वर्कशॉप और कबाड़ की दुकानों के कारण गाड़ियां सड़कों पर ही खड़ी होकर ठीक होती हैं, जिससे पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है। निवासियों का कहना है कि अवैध रूप से कब्जा की गई इन जगहों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे देर शाम नौकरी से लौटने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है।

फुटपाथ और सड़क की आधी-आधी चौड़ाई पर अवैध कब्जे की वजह से पूरे इंदिरापुरम क्षेत्र में रोजाना सुबह और शाम को गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और नगर निगम में तमाम बार लिखित व ऑनलाइन शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूरी की जाती है।

सिस्टम की इसी अनदेखी से तंग आकर सुपरटेक आइकॉन सहित करीब 5 बड़ी सोसायटियों के निवासियों ने सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। यदि आप स्वयं इस समस्या की शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं, तो आप सीधे UP Jansunwai Portal (jansunwai.up.nic.in) पर जाकर मुख्यमंत्री शिकायत सेल में इस अतिक्रमण की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आधिकारिक शिकायत वेबसाइट GDA Complaint Portal (complaint.gdaghaziabad.in) पर अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करके सीधे संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) क्षेत्र की शिकायत की जा सकती है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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