India Myanmar relations: भारत और म्यांमार के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। इस दौरान म्यांमार ने भारत को स्पष्ट भरोसा दिलाया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा, जो भारत की सुरक्षा के खिलाफ हो। दोनों देशों ने सीमा पार अपराध, तस्करी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
भारत सरकार ने बुधवार को इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 7 और 8 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता भारत की ओर से केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और म्यांमार की ओर से उप-गृह मंत्री मेजर जनरल मिन थू ने की। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
भारत की सुरक्षा को लेकर म्यांमार का बड़ा आश्वासन| India Myanmar relations
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि किसी भी देश की संप्रभु भूमि का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए, जो दूसरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनें। बैठक के दौरान म्यांमार ने भारत को भरोसा दिलाया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इसे भारत-म्यांमार संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने वर्षों पुरानी दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सीमा पर तस्करी बनी बड़ी चुनौती
बैठक में भारत-म्यांमार सीमा पर बढ़ती तस्करी को सबसे गंभीर मुद्दों में से एक बताया गया। सरकार के अनुसार, सीमा पार होने वाली तस्करी भारत की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और अर्थव्यवस्था के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। खुले और दुर्गम सीमाई इलाकों का फायदा उठाकर तस्कर मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। यही वजह है कि दोनों देशों ने इस समस्या से मिलकर निपटने पर विशेष जोर दिया।
खुफिया जानकारी साझा करने पर बनी सहमति
बैठक में दोनों देशों ने सीमा पार अपराध और तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत खुफिया सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान किया जाएगा और सुरक्षा एजेंसियों के बीच परिचालन स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और संयुक्त प्रयासों से सीमा पार होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
सुरक्षा सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी जोर
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने बातचीत के नतीजों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों को और मजबूत बनाने, नियमित बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पहले से तय फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी सहमति जताई। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में संबंधित एजेंसियों के बीच करीबी संपर्क और सहयोग आगे भी जारी रहेगा, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने और दोनों देशों के साझा सुरक्षा हितों की बेहतर तरीके से रक्षा की जा सके।
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