Government Stake Sale: केंद्र सरकार आने वाले महीनों में कई सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर राजस्व बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने ऐसी आठ कंपनियों की पहचान की है, जिनमें स्टेक सेल (हिस्सेदारी बिक्री) की संभावना पर काम किया जा रहा है। इस सूची में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC), हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और कुछ सरकारी बैंक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के चलते सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन इससे पहले ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल काफी महंगा हो गया था। इसका असर सरकारी वित्तीय प्रबंधन पर भी पड़ा। ऐसे में सरकार अब अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी कर रही है।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट में बड़ा दावा| Government Stake Sale
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने आठ ऐसी कंपनियों की पहचान की है, जहां आने वाले समय में हिस्सेदारी बेची जा सकती है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को करीब 100 अरब रुपये तक मिल सकते हैं। वहीं, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में स्टेक सेल से लगभग 50 अरब रुपये जुटाए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन संभावित हिस्सेदारी बिक्री योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
निवेश बैंकरों के साथ लगातार बैठकें
रिपोर्ट के मुताबिक, हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी को लेकर सरकारी अधिकारी नियमित रूप से निवेश बैंकरों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में निवेशकों की रुचि, शेयरों की संभावित कीमत, बाजार की स्थिति और ऑफर लाने की समय-सीमा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सूत्रों का कहना है कि सरकार केवल इन आठ कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में भी हिस्सेदारी बेचने की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। इसके लिए कई निवेश बैंकरों को भी नियुक्त किया गया है।
IDBI बैंक को लेकर भी चर्चा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके तहत नई बोलियां मंगाने और रिजर्व प्राइस में बदलाव जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया की ओर से भेजे गए सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
क्या है सरकार का लक्ष्य?
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एसेट सेल और विनिवेश के जरिए 800 अरब रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में शुरुआती प्रगति भी हुई है। अप्रैल से जून 2026 के बीच सरकार शेयर बिक्री के माध्यम से करीब 2 अरब डॉलर जुटा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार की स्थिति अनुकूल रही और निवेशकों की अच्छी भागीदारी मिली, तो सरकार अपने निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है।
बाजार की नजर अगले कदम पर
सरकार की संभावित हिस्सेदारी बिक्री पर अब निवेशकों और शेयर बाजार की नजर बनी हुई है। यदि एलआईसी, हिंदुस्तान जिंक और अन्य सरकारी कंपनियों में स्टेक सेल की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका असर संबंधित कंपनियों के शेयरों और निवेशकों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।
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