Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की 5 ऐसी बड़ी खबरें, जिन्होंने शहर के हर नागरिक को झकझोर कर रख दिया है। पहली खबर में कैसे वीआईपी इलाके के तनिष्क शोरूम में बिना ताला तोड़े करोड़ों की ‘इनसाइड जॉब’ महाचोरी को अंजाम दिया गया। दूसरी खबर में कुदरत का ऐसा कहर, जहां आंधी-बारिश से 125 से ज्यादा बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए और पूरा शहर ब्लैकआउट में डूब गया।
तीसरी खबर कानून के एक्शन की है, जहां पुलिस मुठभेड़ के बाद डेयरी संचालक ओमकार हत्याकांड का 50 हजार का इनामी मुख्य शूटर गौरव पैर में गोली लगने के बाद दबोच लिया गया। चौथी खबर हाईटेक सोसायटियों की बड़ी लापरवाही की है, जहां फायर सेफ्टी से खिलवाड़ करने वाली 7 नामचीन सोसायटियों के खिलाफ प्रशासन ने सीजेएम कोर्ट में ‘वाद’ यानी मुकदमा दायर कर दिया है।
और पांचवीं खबर RRB-NTPC परीक्षार्थियों के लिए बड़ी राहत की है, जिनके लिए रेलवे आज से 15 जून तक 4 विशेष ट्रेनें चलाने जा रहा है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी बड़ी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
तनिष्क ज्वैलरी शोरूम करोड़ों की चोरी
गाजियाबाद से पहली खबर सबसे सुरक्षित और वीआईपी इलाके में सुरक्षा चुक की है। जहां तनिष्क ज्वैलरी शोरूम के ताले बिना किसी कटर या हथौड़े के खुल गए। एक रात पहले स्टाफ के लिए शराब पार्टी रखना, कैशियर की लापरवाही का फायदा उठाकर असली चाबियां उड़ाना और सुबह सिर्फ 25 मिनट के खाली समय में करोड़ों के सोने-हीरे साफ कर देना-गाजियाबाद के तनिष्क शोरूम में हुई यह चोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है।
जब सुबह पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं, तो पता चला कि मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि दुकान का सबसे भरोसेमंद अंदरूनी सूत्र था। जानिए कैसे सीसीटीवी की एक फुटेज ने इस ‘इनसाइड जॉब’ का पर्दाफाश कर दिया।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के पॉश और वीआईपी इलाके राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) स्ठित तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में करोड़ों रुपये की बड़ीं चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी से हुआ खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से यह साफ हो गया है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि शोरूम का ही एक सेल्समैन नितिन वर्मा है, जिसने अपने साथी के साथ मिलकर असली चाबी से दुकान और लॉकर खोलकर करोड़ों के सोने व हीरे के आभूषण साफ कर दिए। कवि नगर थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 5 विशेष टीमों का गठन किया है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
शोरूम का शटर या लॉकर किसी कटर से नहीं काटा गया। सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा अपने एक साथी के साथ असली चाबी से ताला खोलकर अंदर दाखिल होता दिखा। आरोपी ने सुरक्षा व्यवस्था की ढील का फायदा उठाया और मात्र 25 मिनट के भीतर शोरूम की पहली मंजिल से सोने और हीरे के कीमती जेवरात समेट कर फरार हो गया। सुबह 7 बजे नाइट गार्ड के जाने और सुबह 8:30 बजे डे गार्ड के आने के बीच के समय (जब शोरूम में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था) का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया गया।
हिरासत में कैशियर
शोरूम की चाबियां कैशियर/मैनेजर गौतम राज के पास रहती थीं। पुलिस ने गौतम राज को हिरासत में ले लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात से एक रात पहले नितिन ने स्टाफ के लिए पार्टी रखी थी, जहां शराब के नशे का फायदा उठाकर चाबियां हासिल की गईं।
सीसीटीवी में नितिन वर्मा के साथ दिखने वाले दूसरे युवक की पहचान भी पुलिस ने कर ली है, जो मोदीनगर का रहने वाला और नितिन का परिचित बताया जा रहा है। फ्रेंचाइजी मालिक की शिकायत पर कवि नगर थाने में नितिन वर्मा और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (सेवक या क्लर्क द्वारा चोरी) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व में 5 पुलिस टीमें आरोपियों को दबोचने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। शोरूम प्रबंधन और ऑडिट टीम गायब हुई ज्वेलरी की वास्तविक कीमत और कुल वजन का सटीक आकलन करने के लिए लगातार स्टॉक का मिलान कर रही है।
यह शोरूम जिलाधिकारी (DM) कार्यालय और कचहरी के बेहद नजदीक स्थित है, जिसके कारण इस हाई-सिक्योरिटी वाले कमर्शियल हब में हुई इतनी बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेज आंधी-भारी बारिश से गाजियाबाद हुआ तहस-नहस (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि चंद घंटों की आंधी ने पूरे शहर को घुटनों पर ला दिया। बीती रात आई तेज आंधी और भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से आई इस तबाही में बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है और शहर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लैकआउट यानी अंधेरे में डूब गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात को आई तेज आंधी और बारिश ने गाजियाबाद की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। इस आंधी के कहर से जिलेभर में 125 से अधिक बिजली के खंभे (Poles) जमींदोज हो गए और कई भारी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
विद्युत निगम के शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा के कारण विभाग को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आंधी के चलते कई मुख्य बिजली घरों (Substations) की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे शहर के कई इलाके पूरी रात और अगले दिन तक पूरी तरह अंधेरे में डूबे रहे। गाजियाबाद के दौलतपुरा, शास्त्री नगर, डूंडाहेड़ा, लाल कुआं, बम्हेटा, लोनी और इंदिरापुरम जैसे इलाकों में पेड़ गिरने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति पर सबसे बुरा असर पड़ा।
RRB-NTPC परीक्षार्थियों के लिए रेलवे स्टेशन से बड़ी राहत
गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के RRB-NTPC परीक्षार्थियों के लिए रेलवे स्टेशन से एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आ रही है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षा में उमड़ने वाली भारी भीड़ और छात्रों की सहूलियत को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने गाजियाबाद से मुरादाबाद-बरेली रूट के बीच विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। यह विशेष सुविधा आज से शुरू होकर 15 जून तक लगातार जारी रहेगी, जिससे गाजियाबाद से परीक्षा देने जाने वाले और यहाँ आने वाले छात्रों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (DCM) महेश यादव के मुताबिक, परीक्षाओं के दौरान ट्रेनों में सीटों की किल्लत को दूर करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। गाजियाबाद के परीक्षार्थियों के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं, उनका शेड्यूल इस प्रकार है:
- गाड़ी संख्या 04323 (बरेली से गाजियाबाद): यह अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन 12, 13 और 14 जून को बरेली से रात 10:50 बजे चलेगी। यह रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, गजरौला और हापुड़ होते हुए सुबह 4:35 बजे गाजियाबाद जंक्शन पहुंचेगी। इससे सुबह की शिफ्ट में गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर में परीक्षा देने वाले छात्रों को समय पर केंद्र पहुँचने में मदद मिलेगी।
- गाड़ी संख्या 04324 (गाजियाबाद से बरेली): वापसी के लिए यह ट्रेन 13, 14 और 15 जून को शाम 8:10 बजे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह हापुड़, गजरौला, अमरोहा, मुरादाबाद और रामपुर में रुकते हुए रात 11:50 बजे बरेली पहुंचेगी। इससे परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को घर लौटने में कोई परेशानी नहीं होगी।
सुविधाएं और नियम
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये सभी विशेष ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित (Unreserved/General) होंगी, यानी छात्र बिना किसी एडवांस रिजर्वेशन के सीधे स्टेशन से काउंटर टिकट लेकर तुरंत यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए परीक्षार्थी रेलवे के एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग कर सकते हैं।
दूध व्यापारी हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कामयाबी
गाजियाबाद के लोनी इलाके में दिनदहाड़े हुए दूध व्यापारी ओमकार के सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार सुबह बंथला-चिरौड़ी मार्ग पर हुई एक ताबड़तोड़ मुठभेड़ के बाद लोनी पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार कर लिया है। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली बदमाश के पैर में लगी है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस इनसाइड एनकाउंटर ने गनौली गांव के इस खौफनाक मर्डर केस में शामिल फरार अपराधियों की कमर तोड़ दी है।
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) लोनी सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक, पुलिस टीम सुबह बंथला-चिरौड़ी नहर पटरी के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर कार सवार बदमाश ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से चलाई गई गोली बदमाश गौरव के पैर में लगी और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने उसके पास से एक .32 बोर की अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है।
क्या थी हत्या की पूरी वजह?
पुलिस जांच में सामने आया है कि गनौली गांव निवासी डेयरी संचालक ओमकार (उम्र 35 वर्ष) का गांव के ही कुछ लोगों से पुराना विवाद चल रहा था। हत्या से एक दिन पहले 29 मई को गांव में बैठी पंचायत के दौरान ओमकार ने आरोपी सौरभ के पिता विजेंद्र को थप्पड़ मार दिया था। पिता के इस अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने खौफनाक साजिश रची और 30 मई की सुबह जब ओमकार घर से निकले, तो अंडरपास के पास उन पर 10 गोलियां बरसाकर उन्हें लहूलुहान हालत में अगवा कर लिया गया।
शव की तलाश और पुलिस की कार्रवाई
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि उन्होंने ओमकार की हत्या करने के बाद उनके शव को बागपत-मेरठ के पास गंगनहर में फेंक दिया था। हालांकि, घटना के 14 दिन बीत जाने के बाद भी एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की 10 से ज्यादा टीमें मेरठ से लेकर बुलंदशहर तक नहर में शव की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हो सका है। इस पूरे मामले में पुलिस अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं सहित करीब 27 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है।
फायर एक्ट का उल्लंघन करने वाली सोसायटियों पर वाद दायर
गाजियाबाद की गगनचुंबी सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवारों की सुरक्षा को लेकर फायर ब्रिगेड महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बार-बार चेतावनी और नोटिस दिए जाने के बाद भी फायर फाइटिंग सिस्टम दुरुस्त न करने वाली शहर की 7 नामचीन रिहायशी सोसायटियों के खिलाफ मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) ने सीजेएम (CJM) कोर्ट में वाद दायर कर दिया है। फायर एक्ट का उल्लंघन करने वाली इन सोसायटियों के बिल्डरों और मेंटेनेंस आरडब्ल्यूए (RWA) पर अब कानूनी शिकंजा कसना तय हो गया है।
गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के मुताबिक, पिछले दिनों विभाग की टीमों ने शहर के विभिन्न बहुमंजिला सोसायटियों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था। इस जांच में पाया गया कि कई सोसायटियों में आग बुझाने वाले उपकरण (Fire Extinguishers) एक्सपायर हो चुके थे, पानी की बौछार करने वाले स्प्रिंकलर सिस्टम जाम थे और इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) पर अवैध कब्जे थे।
विभाग द्वारा नोटिस जारी कर खामियों को ठीक करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद इन 7 सोसायटियों के प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की। इसके बाद उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत इन सभी के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया गया है।
इन सोसायटियों पर गिरी गाज
विभाग द्वारा जिन सोसायटियों पर मुकदमा दायर किया गया है, उनमें मुख्य रूप से गाजियाबाद के हाई-प्रोफाइल रिहायशी इलाके शामिल हैं: इंदिरापुरम, राजनगर एक्सटेंशन और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की प्रमुख बहुमंजिला सोसायटियां। कौशाम्बी और वैशाली इलाके की कुछ पुरानी रिहायशी इमारतें, जहां वेंटिलेशन और फायर हाइड्रेंट सिस्टम पूरी तरह ठप पड़े थे।
लापरवाही पर भारी जुर्माने का प्रावधान
सीजेएम कोर्ट में वाद दायर होने के बाद अब इन सोसायटियों के बिल्डरों या आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को कोर्ट में जवाबदेह होना पड़ेगा। दोषी पाए जाने पर कोर्ट की तरफ से भारी वित्तीय जुर्माना लगाने और सुरक्षा तंत्र दुरुस्त होने तक एनओसी (NOC) रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।





























