Mamata Banerjee News: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट जगत की सबसे चर्चित हस्तियों में से एक Sourav Ganguly इन दिनों एक राजनीतिक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद उनके नाम को पश्चिम बंगाल की राजनीति से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि अब गांगुली खुद सामने आए हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस सांसद Yusuf Pathan ने भी अपनी लोकसभा सीट छोड़ने की अटकलों को खारिज कर दिया है।
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अखबार की रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद| Mamata Banerjee News
दरअसल, 4 जून को कोलकाता के एक प्रमुख अखबार के पहले पन्ने पर एक खबर प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि गांगुली, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक विशेष संदेश लेकर बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद यूसुफ पठान के पास पहुंचे थे। खबर के मुताबिक, यूसुफ पठान से कथित तौर पर अपनी सांसद की सीट छोड़ने का अनुरोध किया गया था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि यदि बहरामपुर सीट खाली होती है तो वहां उपचुनाव कराया जा सकता है और ममता बनर्जी उस सीट से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। इतना ही नहीं, खबर में यह भी कहा गया कि यूसुफ पठान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
गांगुली ने चिट्ठी जारी कर किया साफ इनकार
मामले के तूल पकड़ने के बाद सौरव गांगुली ने शनिवार को विभिन्न मीडिया संस्थानों को एक आधिकारिक पत्र भेजा। इस पत्र में उन्होंने रिपोर्ट में किए गए सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। गांगुली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें कभी भी किसी तरह का संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा। चाहे वह यूसुफ पठान से संबंधित मामला हो या कोई अन्य राजनीतिक विषय, उन्हें ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी।
उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी यूसुफ पठान से इस मुद्दे पर कभी कोई बातचीत नहीं हुई और न ही उन्होंने किसी प्रकार का संदेश उनके पास पहुंचाया। गांगुली ने कहा कि जब उन्होंने कोई संदेश दिया ही नहीं, तो फिर यूसुफ पठान द्वारा उसे ठुकराने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
राजनीति से दूरी की बात दोहराई
अपने बयान में गांगुली ने यह भी कहा कि वह किसी भी राजनीतिक गतिविधि या राजनीतिक बातचीत का हिस्सा नहीं रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका नाम इस तरह के विवाद में जोड़ना पूरी तरह गलत है और इससे लोगों के बीच भ्रम पैदा होता है।
मीडिया रिपोर्टिंग पर भी जताई नाराजगी
पूर्व भारतीय कप्तान ने खबर प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है। गांगुली ने अपने पत्र में लिखा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी खबरों को प्रकाशित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल संबंधित व्यक्ति की छवि प्रभावित होती है, बल्कि लोगों के बीच गलत संदेश भी जाता है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि अफवाहों और अटकलों के आधार पर खबरें प्रकाशित करने से बचें और पहले तथ्यों की पुष्टि करें।
यूसुफ पठान ने भी अफवाहों को किया खारिज
इस पूरे विवाद के बीच यूसुफ पठान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस सांसद ने साफ कहा कि उनसे कभी भी लोकसभा सीट खाली करने के लिए नहीं कहा गया। उन्होंने बताया कि हाल की बैठकों में भी इस तरह के किसी प्रस्ताव या चर्चा का मुद्दा नहीं उठा। पठान ने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही खबरों को महज अफवाह बताया। उनका कहना है कि सीट छोड़ने को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल सौरव गांगुली और यूसुफ पठान दोनों ने सार्वजनिक रूप से इन दावों का खंडन कर दिया है। ऐसे में बहरामपुर सीट को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर खबरों की पुष्टि और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की जरूरत पर बहस छेड़ दी है।



























