Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सैदुलाजाब इलाके में शनिवार शाम हुआ दर्दनाक हादसा कई परिवारों को जिंदगी भर का जख्म दे गया। पांच मंजिला एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और उसके नीचे मौजूद कैंटीन को अपने साथ दबोच लिया। उस समय कैंटीन में कई छात्र और अन्य लोग खाना खा रहे थे। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते लोग मलबे के नीचे दब गए।
इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमों ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:35 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीमों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रातभर चले अभियान में 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से 6 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि घायलों में 7 लोगों का इलाज जारी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे छात्र| Saket Building Collapse
हादसे में प्रभावित अधिकांश लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र बताए जा रहे हैं। इनमें इंजीनियरिंग और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े युवा भी शामिल थे। कई छात्र अपने घरों से दूर दिल्ली में बेहतर भविष्य का सपना लेकर आए थे, लेकिन एक लापरवाही ने उनके सपनों को मलबे में दफन कर दिया। मृतकों में बिहार के रहने वाले नलिन और उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी रवि प्रकाश भी शामिल हैं। नलिन इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे और रेलवे में अधिकारी बनने का सपना देख रहे थे। घटना के समय वह अपने दोस्त के साथ कैंटीन में पराठा खाने पहुंचे थे।
वहीं रवि प्रकाश ने वर्ष 2024 में किर्गिजस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह भी दोस्तों के साथ कैंटीन पहुंचे थे। संयोग से उनके कुछ दोस्त दूसरी जगह खाना खाने चले गए और बच गए, लेकिन रवि वहीं रुक गए। कुछ ही मिनटों बाद पूरी इमारत ढह गई। हादसे में कैंटीन संचालिका पार्वती की भी मौत हो गई। पार्वती नेपाल से दिल्ली आई थीं और इसी कैंटीन के जरिए अपना जीवनयापन कर रही थीं।
बिना नक्शे के बनी थी इमारत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे का कारण निर्माण नियमों की अनदेखी हो सकती है। एमसीडी सूत्रों के अनुसार यह पूरी इमारत बिना स्वीकृत नक्शे के बनाई गई थी। बेसमेंट और तीन मंजिलों वाली इमारत पर अतिरिक्त मंजिलें तैयार की जा रही थीं। नियमों को दरकिनार कर किए गए इस निर्माण कार्य ने आखिरकार बड़ा हादसा पैदा कर दिया। मामले में कार्रवाई करते हुए एमसीडी ने तत्काल प्रभाव से सहायक अभियंता सुदेश सिंह चौहान और जूनियर इंजीनियर अमन जैन को निलंबित कर दिया है।
पास की इमारत को भी खतरा
इमारत गिरने से बगल की एक अन्य बिल्डिंग को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा के मद्देनजर एमसीडी ने उसे खाली करा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष मशीनों की मदद से इमारत की संरचनात्मक जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। साथ ही मलबा हटाने का काम अभी जारी है और इसमें काफी समय लग सकता है।
सीएम ने लिया जायजा, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर महरौली थाने में गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






























