Ghaziabad News: लिंक रोड थाना क्षेत्र के बृज विहार में एक मकान की छत पर एसी की आउटडोर यूनिट लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। एक पक्ष ने पड़ोसी और उसके रिश्तेदार पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तीन साल से परिवार के साथ रह रहे हैं पीड़ित| Ghaziabad News
बृज विहार के सी-ब्लॉक स्थित मकान संख्या C-535A की पहली मंजिल पर रहने वाले राहुल दिवाकर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। राहुल सीसीटीवी इंस्टॉलेशन और रिपेयरिंग का काम करते हैं और इसी व्यवसाय से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
राहुल का कहना है कि उन्होंने अपने खर्च पर फ्लैट की छत का नवीनीकरण कराया था। इसी छत पर उन्होंने अपने स्प्लिट एसी की बाहरी यूनिट लगाई हुई है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पड़ोसी पक्ष लगातार आपत्ति जता रहा था और एसी हटाने का दबाव बना रहा था।
कई दिनों से एसी हटाने के लिए बनाया जा रहा था दबाव
शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जितेंद्र सिंह, जो C-535B की दूसरी मंजिल से जुड़े मकान के मालिक बताए गए हैं, पिछले कई दिनों से राहुल पर एसी हटाने का दबाव बना रहे थे। राहुल का दावा है कि जिस छत पर एसी लगाया गया है, उसका निर्माण और मरम्मत उन्होंने अपने खर्च पर कराई थी तथा वह उनके उपयोग और स्वामित्व में है।

राहुल ने बताया कि शुरू में उन्होंने इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि वह अपने काम में व्यस्त रहते थे। लेकिन बाद में मामला कथित तौर पर धमकियों तक पहुंच गया।
फोन कॉल पर जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
राहुल दिवाकर के मुताबिक, 24 मई की सुबह करीब 11:44 बजे उन्हें जितेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर से कॉल आई। आरोप है कि बातचीत के दौरान उनसे अभद्र भाषा में बात की गई और उनकी जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। शिकायत में कहा गया है कि जितेंद्र सिंह ने उन्हें अपनी ही छत से एसी की आउटडोर यूनिट हटाने को कहा। राहुल का आरोप है कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें घर में घुसकर मारने की धमकी भी दी गई।
व्हाट्सएप कॉल पर भी मिली धमकी
राहुल का कहना है कि पहली कॉल के कुछ ही देर बाद उन्हें कपिल नामक व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया। कपिल को जितेंद्र सिंह का मामा बताया गया है। शिकायत के मुताबिक कपिल ने भी एसी हटाने का दबाव बनाया और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। राहुल ने आरोप लगाया कि कपिल ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और कहा कि यदि एसी नहीं हटाया गया तो वे उसे जबरन हटाकर तोड़ देंगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बातचीत के दौरान उन्हें डराने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।
पुलिस और प्रशासन में पहुंच होने का दावा करने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, कपिल ने बातचीत के दौरान खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि उनकी पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंच है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राहुल को यह कहते हुए धमकाया कि वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते और चुपचाप एसी हटा लें। राहुल का कहना है कि इन कथित धमकियों के बाद वह और उनका पूरा परिवार भय और तनाव में है। उन्होंने पुलिस से अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा
शिकायत में राहुल ने यह भी बताया कि व्हाट्सएप कॉल के दौरान हो रही बातचीत की रिकॉर्डिंग उन्होंने एक अन्य मोबाइल फोन की मदद से कर ली थी। उनका दावा है कि कथित गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणियों और धमकी से जुड़ी रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है।उन्होंने पुलिस को बताया है कि जरूरत पड़ने पर वह यह रिकॉर्डिंग जांच के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है।
SC/ST एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की मांग
राहुल दिवाकर ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह अनुसूचित जाति (धोबी समुदाय) से संबंध रखते हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ उन्होंने अपने परिवार के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
लिंक रोड थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती तौर पर एसी की आउटडोर यूनिट लगाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब जातिसूचक टिप्पणी और धमकी के गंभीर आरोपों के कारण संवेदनशील बन गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




























