Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का हालिया भारत दौरा कूटनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताया, प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच अच्छे तालमेल की बात की और भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार बताया. लेकिन इसी दौरे के दौरान दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया.
दिल्ली में विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मार्को रुबियो ने कहा, “दुनिया के हर देश में कुछ स्टुपिड लोग होते हैं.” बस यही एक लाइन वायरल हो गई और इसके बाद इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई.
कोलकाता से दिल्ली तक, कई अहम बैठकों में शामिल हुए रुबियो| Marco Rubio India Visit
भारत दौरे के दौरान मार्को रुबियो पहली बार कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने Missionaries of Charity का दौरा किया. इसके बाद वे दिल्ली आए और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए. बैठक में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और क्वाड जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. भारत ने अमेरिकी ऊर्जा आयात बढ़ाने और करीब 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की प्रतिबद्धता भी जताई. दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया.
नस्लीय टिप्पणियों पर पूछे गए सवाल से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक भारतीय पत्रकार ने अमेरिका में भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछा. यह मुद्दा इसलिए भी संवेदनशील था क्योंकि कुछ दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन की तुलना “Hellhole” यानी नरक जैसी जगहों से की थी, जिस पर भारत में नाराजगी देखने को मिली थी.
इसी सवाल का जवाब देते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि दुनिया के हर देश में कुछ “बेवकूफ लोग” होते हैं, जो सोशल मीडिया पर बकवास बातें करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों को पूरे अमेरिका की सोच नहीं माना जाना चाहिए.
रुबियो ने साफ कहा कि अमेरिका एक ऐसा देश है जो इमिग्रेंट्स का स्वागत करता है और भारतीय मूल के लोग वहां हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि नस्लवाद से जुड़ी कुछ घटनाओं को पूरे समाज की मानसिकता नहीं माना जाना चाहिए.
सोशल मीडिया पर ट्रंप से जोड़कर देखे गए बयान
रुबियो का बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे ट्रंप पर अप्रत्यक्ष हमला बता दिया. कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि रुबियो ने अपने ही राष्ट्रपति को “स्टुपिड कैटेगरी” में डाल दिया. एक अमेरिकी यूजर ने लिखा, “क्या रुबियो को एहसास है कि उन्होंने ट्रंप के बारे में क्या कह दिया?” वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि रुबियो ने भारत को लेकर ट्रंप की विवादित टिप्पणियों पर तंज कस दिया. मामला तब और चर्चा में आ गया जब अमेरिकी विदेश विभाग के सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ा एक पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया गया.
आगरा में फिर पूछा गया वही सवाल
25 मई को जब मार्को रुबियो आगरा पहुंचे तो उनसे दोबारा अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल किया गया. इस बार उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा सोशल मीडिया ट्रोल्स और बॉट्स की तरफ था. उन्होंने कहा कि उन्होंने मान लिया था कि सवाल ऑनलाइन कमेंट्स को लेकर पूछा गया है. रुबियो ने कहा, “कुछ लोग ट्रोल होते हैं, कुछ बॉट्स होते हैं, और कुछ लोग हर समय बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं.” उन्होंने दोहराया कि ऐसी बातें किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं और सोशल मीडिया पर दुनिया भर में इस तरह की टिप्पणियां देखने को मिलती हैं.
भारत-अमेरिका रिश्तों को बताया मजबूत
पूरे विवाद के बीच रुबियो लगातार यह कहते रहे कि अमेरिका और भारत के रिश्ते बेहद मजबूत हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को पसंद करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका अच्छा तालमेल है.
रुबियो ने यह भी जोर देकर कहा कि कुछ लोगों की आपत्तिजनक टिप्पणियों को अमेरिका की आधिकारिक नीति या पूरे समाज की सोच नहीं माना जाना चाहिए. हालांकि, उनका “स्टुपिड पीपल” वाला बयान अब भी सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है.
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