Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद में राजनीति से लेकर क्राइम, आंदोलन और स्वास्थ्य जगत तक हलचल बेहद तेज रही। पहली खबर किसान आंदोलन से है, जहां वेव सिटी महापंचायत में राकेश टिकैत ने प्रशासन को गाजीपुर बॉर्डर जैसा आंदोलन दोबारा शुरू करने का बड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। दूसरी खबर स्वास्थ्य विभाग से है, जहां मध्य अफ्रीका में फैले इबोला वायरस के वैश्विक खतरे को देखते हुए गाजियाबाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
तीसरी खबर शालीमार गार्डन से है, जहां दामाद की जेब से सफेद टोपी मिलने और बेटी पर बुर्का पहनने का दबाव बनाने को लेकर पीड़ित हिंदू परिवार ने पुलिस में गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। चौथी खबर साइबर क्राइम की है, जहां एक महिला गेमिंग ऐप ‘क्रिकप्लेयर’ के झांसे में आकर अपनी जिंदगी की 60 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई गंवा बैठी।
और पांचवीं बड़ी खबर सियासत के गलियारों से है, जहां लालू और तेजस्वी यादव पहली बार गाजियाबाद में एक बहुत बड़े महाभोज के जरिए राहुल, अखिलेश और ममता बनर्जी को साधने के लिए ‘डिनर डिप्लोमेसी’ करने जा रहे हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए गाजियाबाद की इन सभी बड़ी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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राकेश टिकैत का प्रशासन को बड़ा अल्टीमेटम
गाजियाबाद से पहली खबर किसान आंदोलन से जुड़ी है। एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। गाजियाबाद महापंचायत से राकेश टिकैत का प्रशासन को बड़ा अल्टीमेटम। आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमों के बीच, वेव सिटी और लोनी में चल रहे भूमि अधिग्रहण विवाद को लेकर राकेश टिकैत ने मंच से हुंकार भरी है।
सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में टिकैत ने साफ कहा कि अपनी जमीनों को बचाने के लिए किसानों को आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी। टिकैत ने पुलिस को गिरफ्तारी की खुली चुनौती दी और मांगें न पूरी होने पर ‘गाजीपुर बॉर्डर’ जैसा दोबारा बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि इस महापंचायत में राकेश टिकैत ने प्रशासन को क्या बड़ी चेतावनियां दीं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गाजियाबाद के वेव सिटी में आयोजित विशाल किसान-मजदूर महापंचायत में चेतावनी दी कि यदि किसान अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाएंगे, तो सरकारों और बिल्डरों के कानूनी दांव-पेच के कारण उनके हाथ से पट्टे और खेती की जमीनें निकल जाएंगी।
गाजियाबाद के वेव सिटी, लोनी और बापू धाम सहित आस-पास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। राकेश टिकैत का आरोप है कि किसानों की कीमती जमीनों पर आलीशान सोसायटियां और सड़कें तो बन रही हैं, लेकिन मूल किसानों को उनका उचित मुआवजा और हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि बिल्डरों और प्रशासन की नीति किसानों को कानूनी उलझनों में थका देने की है। इससे बचने का एकमात्र रास्ता एकजुट होकर संघर्ष करना है।
दैनिक भास्कर और एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, टिकैत ने आंदोलन से जुड़े नामजद आरोपियों को अपने साथ मंच पर बिठाया और पुलिस-प्रशासन को उन्हें गिरफ्तार करने की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की विधिक अनदेखी बंद नहीं हुई और जमीन से जुड़े मसले हल नहीं किए गए, तो गाजियाबाद में एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर जैसा बड़ा और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इबोला वायरस को लेकर अलर्ट (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से दूसरी बड़ी खबर स्वास्थ्य से जुड़ी है। जहां मध्य अफ्रीका में फैले इबोला वायरस के खतरों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा के बाद गाज़ियाबाद का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हालांकि, भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन भविष्य की किसी भी जैविक आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत गाज़ियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण वेबिनार का आयोजन किया है।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने एक ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से जिले के चिकित्सा अधिकारियों और ग्राउंड स्टाफ को संक्रमण नियंत्रण, त्वरित पहचान और आपातकालीन प्रबंधन का कड़ा पाठ पढ़ाया है। केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत संदिग्ध मरीजों के सैंपल कलेक्शन, उन्हें सुरक्षित रखने, पीपीई (PPE) किट के सही इस्तेमाल और आइसोलेशन वार्डों की तैयारियों पर मुख्य फोकस किया गया।
जिले में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों को मुस्तैद रहने और सीमावर्ती क्षेत्रों या बाहरी यात्रियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन वाले इस वायरस का कोई केस नहीं है और वर्तमान में जोखिम बेहद कम है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और दिल्ली-एनसीआर से सटे होने के कारण गाज़ियाबाद में पहले से सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे।
शालीमार गार्डन में टोपी-बुर्का विवाद की शिकायत
गाजियाबाद से इस वक्त की तीसरी बड़ी खबर पारिवारिक विवाद और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों से जुड़ी है। शालीमार गार्डन इलाके में एक युवक की जेब से अचानक ‘सफेद टोपी’ मिलने के बाद घर में भारी हंगामा खड़ा हो गया। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि युवक शादी के बाद अपनी पत्नी पर जबरन ‘बुर्का पहनने’ और धार्मिक रीति-रिवाजों को बदलने का मानसिक दबाव बना रहा था। इस गंभीर खुलासे के बाद पीड़ित हिंदू परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस को सौंप दी है। तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि इस पूरे मामले में परिवार ने पुलिस के सामने क्या बड़े दावे किए हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव और प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवती के हिंदू परिवार ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि उनके दामाद की जेब से सफेद टोपी मिली है और वह उनकी बेटी पर बुर्का पहनने का दबाव बना रहा था।
पीड़ित महिला के परिजनों के मुताबिक, युवक की हरकतों पर पिछले कुछ समय से संदेह था, लेकिन हाल ही में उसकी जेब से मिली सफेद धार्मिक टोपी के बाद परिजनों का यह संदेह और गहरा गया। आरोप है कि युवक अपनी पत्नी को अपने मूल धार्मिक संस्कारों को छोड़ने, घर से बाहर निकलते समय अनिवार्य रूप से बुर्का पहनने और विशेष धार्मिक मान्यताओं को अपनाने के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहा था।
इस व्यवहार से तंग आकर और बेटी की सुरक्षा को खतरे में देख, मायके वालों ने एकजुट होकर गाजियाबाद की स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और आरोपी युवक व उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारी दोनों पक्षों से पूछताछ कर धर्म परिवर्तन के दबाव वाले दावों की सत्यता का पता लगा रहे हैं।
गेमिंग ऐप ‘क्रिकप्लेयर’ में महिला से 60 लाख की ठगी (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से चौथी बड़ी खबर साइबर क्राइम से जुड़ी है, जहां गेमिंग ऐप के चक्कर में पड़कर एक महिला कंगाल हो गई। टेलीग्राम और वॉट्सऐप से शुरू हुए निवेश के इस खेल में साइबर ठगों ने महिला को 60 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। कौशांबी की रहने वाली इस महिला ने मुनाफे के लालच में अपनी जिंदगी की गाढ़ी कमाई गंवा दी। पुलिस ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। तो चलिए जानते हैं कि साइबर अपराधियों ने कैसे इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कौशांबी की रहने वाली धानेश्वरी कुमारी को गेमिंग ऐप में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने 60 लाख रुपये की बड़ी ठगी का शिकार बनाया है। पीड़िता की शिकायत पर गाजियाबाद के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के मुताबिक, यह खेल साल 2022 में टेलीग्राम और वॉट्सऐप के जरिए शुरू हुआ था, जहां पीड़िता को ‘क्रिकप्लेयर’ (Crickplayer) नाम के ऐप पर निवेश करने का लालच दिया गया। शुरुआत में पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए साइबर ठगों ने ऑनलाइन कैसीनो के नाम पर निवेश कराया और रिटर्न के तौर पर कुछ धनराशि वापस भी की।
अपराधियों के झांसे में आकर महिला ने कुल 75 लाख रुपये का निवेश कर दिया, जिसमें से उन्हें 15 लाख रुपये तो वापस मिल गए, लेकिन बाकी के 60 लाख रुपये फंस गए। साल 2024 में जब उन्हें अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने परेशान होकर पुलिस की शरण ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगों के बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच तेज कर दी है।
यादव परिवार गाजियाबाद में करेंगे महाभोज
गाजियाबाद से इस वक्त की पांचवीं बड़ी खबर एक बहुत बड़े सियासी महाभोज से जुड़ी है, जहां राष्ट्रीय राजनीति की धुरी माने जाने वाले लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पहली बार गाजियाबाद में एक विशाल ‘डिनर डिप्लोमेसी’ करने जा रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो के पोते और तेजस्वी के बेटे इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन के बहाने 27 मई को गाजियाबाद में विपक्ष का एक बहुत बड़ा जमावड़ा लगने वाला है।
इस पारिवारिक जलसे में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत देश की 10 बड़ी विपक्षी पार्टियों के कद्दावर नेताओं को खास न्योता भेजा गया है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि पटना को छोड़कर गाजियाबाद में दिए जा रहे इस हाई-प्रोफाइल भोज और दिग्गजों को भेजे गए न्योते के पीछे की असली ‘Inside Story’ और सियासी मायने क्या हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि बिहार का यादव परिवार गाजियाबाद में महाभोज करने जा रहा है। तेजस्वी की बहन रागिनी यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर हो रहे इस कार्यक्रम के बहाने लालू परिवार बीजेपी विरोधी ताकतों को दिल्ली-NCR के करीब एकजुट करने की कोशिश में है।
बिहार से बाहर हो रहे इस आयोजन में RJD के शीर्ष नेताओं को भी बुलाया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश है। ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे दिग्गजों को बुलाकर तेजस्वी यादव विपक्षी गठबंधन के भीतर की कड़वाहट को दूर कर उसे नए सिरे से परिभाषित करना चाहते हैं।
वहीं ममता बनर्जी से जुड़ाव और इस महाभोज के जरिए तेजस्वी खुद को राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी एकता के एक प्रमुख सूत्रधार के रूप में स्थापित कर रहे हैं। साथ ही इसे उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, अखिलेश और राहुल जैसे नेताओं की संभावित भागीदारी को एनडीए के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन को और अधिक मजबूत व धारदार बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
आंदोलन की सुगबुगाहट से लेकर सियासी गलियारों की हलचल तक इन सभी खबरों को लेकर सवाल उठना तो लाजमी है कि क्या राकेश टिकैत की चेतावनी के बाद प्रशासन किसानों के भूमि विवाद को सुलझा पाएगा? और इस डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड से बचने के लिए आप कितने सतर्क हैं?





























