Rajesh Khanna downfall: आपसे पीछे की बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार कौन है तो आपका जवाब क्या होगा, आज की युवा पीढ़ी तो शायद उन्हें पहचान भी न पाए, लेकिन ये वही सितारा है जिसने 4 सालों में एक के बाद एक 15 सुपरहिट फिल्में दी थी, जिनके नाम से ही केवल बॉक्स ऑफिस का हाउसफुल रहता था, जिसके यहां पूरा का पूरा दरबार लगता था, और वो एक शहंशाह की तरह सबसे घिरे रहते थे, लेकिन बिना ताज के इस शहंशाह के सिर पर अहंकार ऐसा सिर चढ़कर बोला कि उनका करियर कब डूबता चला गया उन्हें पता ही नहीं चला, और खासकर उनके दो करीबियों के एक जिद ने उनके करियर को काफी नुकसान पहुंचाया।
जी हां, कभी इंडस्ट्री में केवल यहीं चलता था ऊपर आका और नीचे काका, काका यानी कि फिल्म इंडस्ट्री के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना। अपने इस लेख में हम राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के करियर का आसमान की बुलंदियों पर छूने के बाद कैसे शुरू हुआ उनका डाउनफॉल इसका किस्सा जानेंगे, साथ ही कैसे सलमान खान के पिता सलीम खान और उनके परम मित्र जावेद अख्तर भी जाने अनजाने उनके करियर को डुबाने को बड़ी वजह बन गए थे।
राजेश खन्ना के एक्टिंग करियर की शुरुआत – Rajesh Khanna downfall
राजेश खन्ना जन्म 29 दिसम्बर 1942 को लाहौर मे हुआ था, लेकिन उस वक्त को राजेश नहीं बल्क जतिन खन्ना थे। माता पिता बंटवारे के बाद अमृतसर आ गए, वहीं अमृतसर में उनके चाचा चाची ने उन्हे गोद ले लिया.. एक धनी परिवार से आने के कारण राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) को कभी पैसो की परेशानी नहीं हुई इसलिए पैसे की वैल्यू करने के मामले में भी राजेश खन्ना थोड़े कच्चे थे, लेकिन उन्होंने अपने फैमिली बिजनस को संभालने के बजाय एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला किया। वो बम्बई स्थित गिरगाँव के सेण्ट सेबेस्टियन हाई में पढ़ाई कर रहे थे, जहां वो थिएटर भी करने लगे थे, यहीं उनकी दोस्ती हुई बॉलीवुड के एक औऱ फ्यूचर स्टार से रवि कपूर से.. रवि कपूर… जिन्हें हम आप जितेंद्र के नाम से जानते है.. दोनो ही साथ साथ फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाने का सपना देख रहे थे।
डबल रोल ने छाये राजेश खन्ना – Rajesh Khanna downfall
राजेश खन्ना एक टैलेंट हंट शो में 10 हजार प्रतिभागियों में से चुने गए थे,… राजेश खन्ना(Rajesh Khanna) अपना स्क्रीन नेम जितेंद्र रखना चाहते थे, लेकिन जितेंद्र ने वो नाम उनसे छीन लिया जो उनके चाचा ने उन्हें नाम दिया राजेश.. यानि की इश्वरों का राजा और मात्र 23 साल की उम्र में उन्हें 1966 में फिल्म आखिरी खत में काम करने का मौका मिला, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई, इसके बाद राज़, और बहारों के सपने फिल्म भी फ्लॉप हो गई.. और लगा कि शायद राजेश खन्ना को वापिस घर लौट कर फैमिली बिजनस ही संभालना होगा, लेकिन 1969 में शर्मिला टैगौर के साथ आई फिल्म आराधना, राजेश खन्ना का रोल छोटा था, लेकिन डबल रोल ने उनके करियर में बड़ा चमत्कार किया,.. फिल्म सुपरहिट हो गई.. और उसके बाद शुरु हुआ राजेश खन्ना के सुपरस्टार बनने का सफर।
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राजेश खन्ना ने 15 सोलो सुपरहिट फिल्मे दी – Rajesh Khanna downfall
कहा जाता है कि मात्र 1969 से लेकर 1972 तक राजेश खन्ना ने 15 सोलो सुपरहिट दी थी, ये रिकॉर्ड आज भी उनके ही नाम है। लेकिन ये सफलता राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के सिर पर चढ़ कर बोलने लगी.. वो खुद को भगवान की तरह समझने लगे.. वो सोचते थे कि जैसे वो चाहेंगे वैसा ही होगा.. वो जिसका चाहे उसका करियर बना सकते है.. उनके घर में दरबार लगता था.. जिसमें ऐसे अनगिनत चाटुकार आते थे, जो राजेश खन्ना के अहंकार को हवा देते थे, उनकी कमियां बताने के बजाय। खास कर उनकी प्रेमिका अंजू महेंद्रू के उन्हें छोड़ कर जाने के बाद तो राजेश खन्ना जैसे सनकी से हो गए थे… उन्होंने अपने से आधी उम्र की डिंपल कपाड़ियां से शादी कर ली.. जबकि वो पहले ऋषि कपूर के साथ रिश्ते में थी। लेकिन फिल्म बॉबी की सफलता के बाद डिंपल ने राजेश खन्ना के कंट्रोलिंग नेचर के खिलाफ जाकर काम करना जारी रखा जिससे दोनो के रिश्ते में दरार आई, औऱ वो अकेले पड़ गए।
कैसे सलीम जावेद बन गए उनके करियर के लिए रोड़ा – Rajesh Khanna downfall
दरअसल राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के लगाये दरबार में सलीम खान और जावेद अख्तर भी शामिल होते थे,, 1969-70 के दशक में वो दोनो की स्ट्रगल कर रहे थे, ऐसे में राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने दोनो के स्ट्रगल को देखते हुए उन्होंने अपनी एक सुपरहिट फिल्म हाथी मेरे साथी की कहानी पर काम करने के लिए कहा। इसकी पटकथा सलीम-जावेद की जोड़ी यानी की सलीम खान और जावेद अख्तर ने मिलकर लिखी है। इस फिल्म के सुपर डुपर हिट होने के बाद दोनो की पूंछ होने लगी थी.. लेकिन तब उन्हें . नहीं पता था कि राजेश खन्ना की रोमांटिक छवि के कारण सलीम जावेद से उन्हें इतना बड़ा झटका मिलेगा। राजेश ख्नना एक रोमांटिक हीरो थे।
अमिताभ का उदय राजेश खन्ना का डाउनफॉल – Rajesh Khanna downfall
ऐसे में सलीम जावेद ने एक फिल्म की कहानी लिखी थी- फिल्म थी जंजीर.. उन दिनो अमिताभ एक लोगो हिट के लिए स्ट्रगल कर रहे थे सलीम जावेद को इंस्पेक्टर विजय के अमिताभ सही लगे, लेकिन प्रकाश मेहरा राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) को विजय का रोल देना चाहते थे.. मगर तब पहली बार ऐसा हुआ कि सलीम जावेद जिद पर अड़ गए कि वो कहानी तभी देंगे जब फिल्म में राजेश खन्ना नही अमिताभ होंगे तमाम कोशिशे की गई लेकिन सलीम जावेद नहीं माने.. और आखिरकार फिल्म में राजेश खन्ना के बजाय अमिताभ सेलेक्ट हुए.. एक तरफ ये फिल्म मौका था राजेश खन्ना के लिए रोमांटिंक हीरो की छवि तोड़ने की.. तो वहीं अमिताभ के पास भी आखिरी मौका था। और वो मौका सलीम जावेद के कारण अमिताभ को मिल गया था। अमिताभ का उदय शुरु हुआ तो राजेश खन्ना का डाउनफॉल शुरू हो गया।
सलीम जावेद ने अमिताभ को स्टार बनाया – Rajesh Khanna downfall
हालांकि राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के पास काम की कमी नहीं थी, लेकिन अब दर्शकों को रोमांटिक नहीं एक्शन देखना था, जिसके लिए उनकी पहली पसंद बन गए अमिताभ बच्चन। 1972-1975 तक उनकी कई सफल फिल्में आई तो वहीं 1976-78 के बीच 7 फिल्में फ्लॉप हो गई,, वहीं जिसके बाद भी राजेश खन्ना ने 1991 तक कई सफल फिल्में दी, लेकिन वो स्टारडम नहीं रहा जो हुआ करता था। सलीम जावेद ने सही मायने में न केवल अमिताभ को स्टार बनाया बल्कि उन्होंने राजेश खन्ना की छवि को भी नहीं बदलने दिया..हालांकि उसका कारण खुद राजेश खन्ना ही थे, जो ये मानते थे कि राजेश खन्ना का दौर कभी खत्म नहीं होगा। 18 जुलाई 2012 को उनका निधन उनके ही घर आशिर्वाद में हो गया था। एक सुपरस्टार एक गुमनामी के बाद चला गया.. ये है राजेश खन्ना के डाउनफॉल की कहानी..





























