Google I/O 2026 में इस बार पूरी दुनिया की नजर गूगल पर थी, और वजह भी साफ थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से बदलता भविष्य। इवेंट के दौरान गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने साफ कहा कि कंपनी अब ऐसे AI सिस्टम तैयार कर रही है जो सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह बदल देंगे।
पिचाई ने अपने संबोधन में बताया कि अब गूगल का फोकस सर्च, यूट्यूब, डॉक्स और जीमेल जैसे प्रोडक्ट्स को ज्यादा स्मार्ट और इंटरैक्टिव बनाने पर है। मतलब अब यूजर सिर्फ सवाल टाइप नहीं करेगा, बल्कि AI के साथ बातचीत करके सीधे जवाब और समाधान पाएगा। उनका कहना था कि AI अब सिर्फ टूल नहीं रहा, बल्कि एक डिजिटल असिस्टेंट बनता जा रहा है।
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AI ओवरव्यू और Gemini ऐप की जबरदस्त ग्रोथ | Google I/O 2026
गूगल ने इवेंट में अपने AI प्रोडक्ट्स की ग्रोथ के आंकड़े भी शेयर किए, जो काफी चौंकाने वाले हैं। कंपनी के मुताबिक AI Overview अब 2.5 अरब से ज्यादा मंथली यूजर्स तक पहुंच चुका है। वहीं AI Mode ने सिर्फ एक साल में ही 1 अरब मंथली यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। दूसरी तरफ Gemini ऐप की ग्रोथ भी तेजी से हुई है जहां पहले 400 मिलियन यूजर्स थे, अब यह आंकड़ा बढ़कर 900 मिलियन से भी ज्यादा हो गया है। इतना ही नहीं, गूगल के “Nano Banana” इमेज मॉडल से अब तक 50 अरब से ज्यादा इमेज बनाई जा चुकी हैं। इससे साफ है कि लोग AI को सिर्फ इस्तेमाल नहीं कर रहे, बल्कि क्रिएटिव कामों में भी तेजी से अपना रहे हैं।
YouTube और Docs में आएगा बड़ा बदलाव
गूगल ने इस बार कुछ ऐसे फीचर्स पेश किए हैं जो सीधे तौर पर यूजर एक्सपीरियंस बदल देंगे। नया फीचर “Ask YouTube” यूजर को वीडियो देखने का तरीका पूरी तरह बदल देगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई नया स्किल सीख रहा है, तो AI सीधे वीडियो का वही हिस्सा दिखाएगा जहां असली जानकारी है, जिससे टाइम की बचत होगी।
वहीं Google Docs में “Docs Live” फीचर आने वाला है, जिसमें यूजर सिर्फ बोलकर डॉक्यूमेंट तैयार कर सकेगा। यानी अब लंबा टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। बस अपने आइडिया बोलिए और AI उसे फॉर्मेट करके पूरा डॉक्यूमेंट तैयार कर देगा। आगे चलकर इसमें वॉइस एडिटिंग भी जोड़ी जाएगी, जिससे डॉक्यूमेंट को बोलकर ही बदला जा सकेगा। यह फीचर इस गर्मी से सब्सक्राइबर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश
AI की बढ़ती डिमांड को देखते हुए गूगल ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि जहां 2022 में कैपिटल एक्सपेंडिचर लगभग 31 अरब डॉलर था, वहीं इस साल यह 180 से 190 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। गूगल ने अपने नए TPU 8T और TPU 8I चिप्स भी पेश किए हैं। TPU 8T को बड़े AI मॉडल्स की ट्रेनिंग के लिए डिजाइन किया गया है और यह पहले से लगभग तीन गुना ज्यादा पावरफुल है। वहीं TPU 8I तेज रिस्पॉन्स और इंफरेंस के लिए बनाया गया है ताकि AI तुरंत जवाब दे सके। खास बात यह है कि ये दोनों चिप्स एनर्जी एफिशिएंट भी हैं।
डेवलपर्स और क्लाउड बिजनेस में तेज ग्रोथ
गूगल ने बताया कि उसकी AI टेक्नोलॉजी सिर्फ यूजर्स ही नहीं, बल्कि डेवलपर्स और कंपनियों के बीच भी तेजी से पॉपुलर हो रही है। हर महीने करीब 85 लाख डेवलपर्स गूगल के मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार उसकी API हर मिनट करीब 19 अरब टोकन्स प्रोसेस कर रही है। वहीं पिछले एक साल में 375 से ज्यादा गूगल क्लाउड ग्राहकों ने मिलकर 1 ट्रिलियन से ज्यादा टोकन्स प्रोसेस किए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि AI अब सिर्फ प्रयोग नहीं, बल्कि इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बन चुका है।
AI को हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहता है गूगल
पिचाई ने अपने भाषण में बार-बार एक बात पर जोर दिया कि AI का असली मकसद सिर्फ टेक डेमो दिखाना नहीं है, बल्कि इसे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना है। चाहे छात्र हों, जो पढ़ाई में मदद चाहते हैं, कलाकार हों जो क्रिएटिव काम करते हैं, या डेवलपर्स जो नए ऐप बना रहे हैं हर किसी के लिए AI एक जरूरी टूल बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गूगल का लक्ष्य है ऐसे AI सिस्टम बनाना जो अरबों लोगों तक पहुंचकर उनकी जिंदगी को आसान, तेज और ज्यादा स्मार्ट बना सकें। इसी वजह से कंपनी हार्डवेयर, रिसर्च, मॉडल्स और प्रोडक्ट्स हर लेवल पर एक साथ निवेश कर रही है।
कुल मिलाकर Google I/O 2026 ने यह साफ कर दिया है कि आने वाला समय AI का है, और गूगल इस रेस में खुद को सबसे आगे रखने की पूरी तैयारी में है।
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