Premanand Maharaj viral video: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की नियमित पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। केली कुंज स्थित आश्रम की ओर से सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को इसकी जानकारी दी। यह पदयात्रा आश्रम से लेकर सौभरी कुंड तक होती थी, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे।
इसके साथ ही आश्रम में होने वाली वह आमने-सामने की भक्त वार्ता भी फिलहाल टाल दी गई है। इस फैसले के बाद दूर-दूर से आने वाले भक्तों में निराशा देखने को मिल रही है।
भक्तों में मायूसी, वजह को लेकर चिंता | Premanand Maharaj viral video
प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों में पहले ही बता चुके हैं कि उनकी किडनी पिछले करीब 20 सालों से खराब है और वे लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। ऐसे में जैसे ही उनकी पदयात्रा या स्वास्थ्य को लेकर कोई अपडेट सामने आता है, भक्तों के बीच चिंता और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
वायरल हुआ पुराना वीडियो
इसी बीच सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे अपने स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करते नजर आते हैं। महाराज कहते हैं कि उनकी किडनी 20 साल से खराब है, लेकिन इसके बावजूद वे इसे भगवान की कृपा मानते हैं और मानते हैं कि यह उन्हें पराजित नहीं कर सकती।
एमएस बिट्टा की मुलाकात और भावुक पेशकश
कुछ समय पहले एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने भी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा था कि वे अपने शरीर के अंग किसी जरूरतमंद गरीब या घायल सैनिक को दान करना चाहते हैं। उन्होंने महाराज से कहा कि वे अपनी किडनी को मंदिर की तरह संभालकर रखते हैं और अब इसे दान करना चाहते हैं। इस दौरान वे भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू भी आ गए।
प्रेमानंद महाराज का जवाब
इस पर प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे भागवती शक्ति से संपन्न हैं और उनकी किडनियां उन्हें पराजित नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम सांस नहीं आती, तब तक शरीर इसी तरह कार्य करता रहेगा, भले ही वह डायलिसिस पर ही क्यों न हो। उन्होंने बिट्टा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने अंग दान का संकल्प लेता है, तो यह बहुत बड़ा कार्य है और इससे किसी जरूरतमंद की जिंदगी बच सकती है।
समाज सेवा को लेकर उनका संदेश
प्रेमानंद महाराज ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। वे अपने शरीर से दूसरों की सेवा करना चाहते हैं और किसी से कुछ ग्रहण नहीं करना चाहते। उनके अनुसार, यह शरीर केवल भगवान की कृपा से ही चल रहा है, वरना इतने लंबे समय तक डायलिसिस और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद बोलना और सक्रिय रहना संभव नहीं होता।
भक्तों की उम्मीदें कायम
पदयात्रा और वार्तालाप कार्यक्रम स्थगित होने के बावजूद भक्तों की आस्था कम नहीं हुई है। लोग उनके जल्द स्वस्थ होने और फिर से दर्शन देने की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल आश्रम की ओर से कोई नई तारीख घोषित नहीं की गई है, ऐसे में भक्तों को अगले अपडेट का इंतजार है।
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