अग्निपथ योजना के तहत क्या होगा लाभ, कब से शुरू होंगी भर्ती प्रक्रिया, जानें इससे जुड़ी हर बात…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 Jun 2022, 12:00 AM | Updated: 19 Jun 2022, 12:00 AM
केंद्र सरकार ने मंगलवार को अग्निपथ योजना को जैसे ही लॉन्च किया देश के कई हिस्सों में हिंसा की चिंगारी सुलग उठी। इस स्कीम की घोषणा 14 जून को हुई। जिसके तहत सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियां की जाएंगी। चार साल के लिए सेना में भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा।
दरअसल, मोदी सरकार ने सेना में छोटी अवधि के लिए भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर का नाम दिया है। इसके साथ ही इस स्कीम को  ‘अग्निपथ योजना’ का नाम दिया है। इस स्कीम के तहत चार साल के लिए सेना में भर्ती होने वाले युवाएं अग्निवीर बुलाये जायेंगे।

25 प्रतिशत जवानों को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

वहीं अग्निपथ योजना के मुताबिक, इसमें भर्ती होने वाले केवल 25 प्रतिशत युवाओं को भारतीय सेना में चार साल का समय पूरा होने के बाद आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों में से 25 फीसदी को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। जबकि बाकी के 75 फीसदी अग्निवीरों को इस योजना के तहत नौकरी छोड़नी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्हें पेंशन का लाभ भी नहीं मिलेगा। 

युवाओं में भारी आक्रोश

अब ऐसे में अग्निपथ स्कीम के लॉन्च होने के बाद से ही देश के युवाओं में आक्रोश बना हुआ है। इस योजना का विरोध करते हुए युवाओं ने आगजनी कर तोड़फोड़ भी की। कई रेलवे स्टेशनों को फूंका गया। एसी कोच को आग के हवाले कर दिया गया। देश के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। इस योजना का सबसे ज्यादा विरोध बिहार में देखा गया।

विदेशों में भी है अग्निपथ जैसी स्कीम

बता दें कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सेना में इतनी कम अवधि के लिए युवाओं को भर्ती करने की योजना लाई गई है। हालांकि इसको लेकर सरकार का कहना है कि भारत के बाहर विदेशों में सेना में कम अवधि के तहत भर्तियां होती रही हैं। लेकिन इस बात पर गौर करना जरुरी है कि वहां सेना में अपने देश के प्रति सेवा देना देश के कानून के तहत जरूरी होता है। इसके लिए विदेशों में कानून है लेकिन भारत की अग्निपथ स्कीम में ऐसा कोई कानून नहीं दिया गया है।
इन देशों में है सेना में सेवा देना अनिवार्य
बताते चले कि विदेशों के इन देशों स्विट्ज़रलैंड, लिथुआनिया, उत्तर कोरिया, इसराइल, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया, इरीट्रिया, सीरिया, स्वीडन और  जॉर्जिया में सेना में अपनी सेवा देना कानूनन जरुरी है।
अग्निपथ योजना नहीं होगी वापस
वहीं देश में छिड़े भारी बवाल के बीच देश की तीनों सेना के एक संयुक्त बयान में कहा गया कि अग्निपथ स्कीम वापस नहीं होगा। तीनों सेनाओं के प्रमुख ने ये भी कहा कि सीएपीएफ और राज्य पुलिस में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में देश के चार राज्यों ने कहा है कि सभी अग्निवीरों को जॉब दी जाएगी। साथ ही बैंक अग्निवीरों को क्रेडिट भी देंगे।
इस तारीख से शुरू होगी भर्तियां
बता दें कि भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने तो जवानों की भर्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान कर दिया है। थलसेना के लिए 1 जुलाई से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, वायुसेना की भर्ती के लिए 24 जून से प्रक्रिया शुरू की जाएंगी। वहीं नौसेना की भर्ती प्रक्रिया 25 जून से शुरू होगी।  

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds