PM Modi News: कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत बेहद भव्य अंदाज में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे। इसी दौरान मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे सुवेंदु अधिकारी भी मंच पर पहुंचे।
लेकिन समारोह के बीच एक ऐसा भावुक पल आया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही मंच पर पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले एक बुजुर्ग व्यक्ति को गले लगाया, उनके पैर छुए और काफी देर तक आत्मीयता से उनसे मिले। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोग भावुक हो गए और कुछ ही देर में यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी।
आखिर कौन हैं वो बुजुर्ग जिनके सामने झुके PM मोदी? PM Modi News
बाद में पता चला कि प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल भाजपा के सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया था। 98 वर्षीय माखनलाल सरकार लंबे समय से राष्ट्रवादी विचारधारा और संगठनात्मक राजनीति से जुड़े रहे हैं। बताया जाता है कि आजादी के बाद राष्ट्रवादी आंदोलन को बंगाल में मजबूत करने वाले शुरुआती कार्यकर्ताओं में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वे करीब 1945 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं और उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ भी काम किया था।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ किया था आंदोलन
साल 1952 में माखनलाल सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन में हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में 1980 में भाजपा के गठन के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया। कहा जाता है कि सिर्फ एक साल के भीतर उन्होंने करीब 10 हजार नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।
1981 से लगातार सात साल तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया। उस समय यह बड़ी बात मानी जाती थी क्योंकि भाजपा में आमतौर पर नेता लंबे समय तक एक ही संगठनात्मक पद पर नहीं रहते थे।
‘बंगाल निर्माण’ के सपने के पुराने सिपाही
सिलीगुड़ी के डाग गांव के रहने वाले माखनलाल सरकार उन लोगों में शामिल रहे जिन्होंने बंगाल में राष्ट्रवादी राजनीति की शुरुआती नींव रखी। भाजपा आज जिस “बंगाल निर्माण” की बात करती है, उस सोच को उन्होंने दशकों पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर आगे बढ़ाने का सपना देखा था। परिवार के मुताबिक, उन्होंने बंगाल में संगठन खड़ा करने के लिए कई संघर्ष किए और कठिन दौर में भी विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया।
राम मंदिर आंदोलन से निर्माण तक का सफर देखा
माखनलाल सरकार ने राम मंदिर आंदोलन से लेकर अयोध्या में मंदिर निर्माण तक की पूरी यात्रा अपनी आंखों से देखी। परिवार ने बताया कि शिला पूजन भी उनके घर के आंगन में हुआ था। उनके बेटे ने बताया कि पार्टी की ओर से एक दिन पहले ही संदेश मिला था कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में जरूर पहुंचना है। इसके बाद उनका छोटा बेटा उन्हें लेकर कोलकाता रवाना हुआ।
PM मोदी को देख भावुक हुआ परिवार
सुबह से ही माखनलाल सरकार की पत्नी पुतुल सरकार और बेटे मणिक सरकार टीवी पर समारोह देख रहे थे। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर पहुंचकर माखनलाल सरकार को गले लगाया और उनके पैर छुए, पूरा परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने कहा, “उन्होंने जिन आदर्शों और संघर्षों के साथ पूरी जिंदगी बिताई, आज उन्हीं विचारों को सम्मान मिलता देखकर उनकी आंखें भर आईं।”
शपथ ग्रहण समारोह का यह भावुक दृश्य अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक खास प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है, जहां एक तरफ सत्ता परिवर्तन हुआ तो दूसरी ओर दशकों पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को भी सार्वजनिक सम्मान मिला।




























