Sameer Rizvi VS Dhoni Controversy: आईपीएल 2026 के बीच सोशल मीडिया पर MS Dhoni और युवा बल्लेबाज Sameer Rizvi को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इस दावे में कहा जा रहा है कि रिज़वी ने धोनी को चोट से उबरने के लिए नमाज़ पढ़ने की सलाह दी थी, जिससे नाराज होकर धोनी ने उन्हें टीम से बाहर करवा दिया। हालांकि, अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई है और यह दावा पूरी तरह से गलत पाया गया है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर खूब शेयर की जा रही थी कि आईपीएल 2024 के दौरान जब धोनी घुटने की चोट से जूझ रहे थे, तब रिज़वी ने उन्हें धार्मिक सलाह दी थी। इसी वजह से उन्हें Chennai Super Kings से बाहर कर दिया गया। इस दावे ने फैंस के बीच भी काफी चर्चा पैदा कर दी थी।
फैक्ट चेक में क्या निकला? Sameer Rizvi VS Dhoni Controversy
वनइंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस वायरल दावे की जांच की गई, तो कहीं भी इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। न तो चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से, न ही खुद धोनी या रिज़वी की तरफ से ऐसी किसी घटना की पुष्टि की गई है। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि यह खबर केवल अफवाह है, जिसे बिना किसी ठोस आधार के फैलाया गया।
धोनी इस सीजन में क्यों नहीं खेल रहे?
इस बीच यह भी ध्यान देने वाली बात है कि महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल 2026 में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। चोट के कारण वह आधा टूर्नामेंट पहले ही मिस कर चुके हैं और आगे के मैचों में भी उनके खेलने को लेकर संशय बना हुआ है।
रिज़वी को क्यों किया गया था रिलीज?
जहां तक समीर रिज़वी की बात है, उन्हें Chennai Super Kings ने आईपीएल 2024 की नीलामी में 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, उन्हें सीमित मौके ही मिले और वे उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। पूरे सीजन में उन्होंने केवल 51 रन बनाए, जो उनके प्राइस टैग के हिसाब से काफी कम माना गया।
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना पूरी तरह उसके प्रदर्शन, टीम कॉम्बिनेशन और रणनीति पर निर्भर करता है। ऐसे में रिज़वी को रिलीज करने का फैसला भी एक रणनीतिक निर्णय था, न कि किसी व्यक्तिगत या धार्मिक विवाद का परिणाम।
अब दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं रिज़वी
आईपीएल 2026 के मेगा ऑक्शन में Delhi Capitals ने समीर रिज़वी को 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। मौजूदा सीजन में वह बेहतर फॉर्म में नजर आ रहे हैं और अपनी बल्लेबाजी से टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, धोनी और रिज़वी को लेकर वायरल हो रहा दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। इसका किसी भी वास्तविक घटना से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे मामलों में बिना पुष्टि के खबरों पर भरोसा करने से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे गलतफहमियां फैल सकती हैं।




























