Bageshwar baba statement: आपने कई ऐसे धर्म गुरु देखे होंगे, जिन्हें लेकर बॉलीवुड में फिल्में भी बनती है.. तो वहीं फिल्मी सितारे भी इन गुरुओ के आगे सिर झुकाते नजर आ ही जाते है.. लेकिन क्या हो जब धर्मगुरु की टिप्पणी फिल्म इंडस्ट्री को उनके खिलाफ कर दें। जी हां, कुछ ऐसा ही हो रही है बाघेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री के साथ… अभी हाल ही में उंन्होने मराठों के पूजनीय छत्रपति शिवाजी को लेकर टिप्पणी देने के मामले में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है।
और पढ़े: सिख धर्म के 4 महापाप, जिन्हें करने पर टूट जाती है गुरु से प्रीति – Sikhism cardinal sins
जानें क्या था पूरा विवाद? – Bageshwar baba statement
उन्होंने ये भी कहा कि ‘मेरी कुंडली में ही विवाद लिखा है…. वहीं धीरेंद्र शास्त्री के बयानों को लेकर बॉलीवुड की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। अपने इस वीडियो में हम जानेंगे कि आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी को लेकर ऐसा क्या कह दिया जिसके बाद से वो विवादों में फंस गए है और माफी मांगते हुए क्या कहा धीरेंद्र शास्त्री ने.. दरअसल अभी कुछ दिनों में धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान छत्रपति शिवाजी के बारे मे बात करते हुए कहा था कि शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और अपना मुकुट समर्थ रामदास स्वामी को सौंपना चाहते थे… इसलिए उन्होंने उनके चरणों में अपना मुकुट रखा था, लेकिन इस बयान के सामने आते ही वो विवादों में फंस गए। कई राजनीतिक धुरंधरो के साथ साथ फिल्म सितारों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख ने सीधे इस कहानी को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि ये बिल्कुल अस्वीकार्य है। ये हमारे शिव का अपमान है।
छत्रपति शिवाजी का अपमान – Bageshwar baba statement
शिव को लेकर बेतुकी और विकृत मानसिकता फैलाई जा रही है। जो कि हर शिव भक्त के लिए गुस्सा दिलाने वाली बात है। रितेश ने वीर छत्रपति शिवाजी के सम्मान में कहने वाले शब्दों को भी लिखा- पौढ़ प्रताप पुरंदर..क्षत्रियकुलावतंस..सिंहासिनाधीश्वर, महाराजाधिराज धनी राजा शिव छत्रपति महाराज … इन उपनामों को लिखकर रितेश ने छत्रपति शिवाजी के प्रति जो उनके मन में सम्मान है उसे दर्शाया है.. वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी इस मामले में रामदास स्वामी का नाम उछाले जाने पर बाघेश्वर बाबा पर हमला करते हुए कह कि ऐतिहासिक रूप से गलत बयान देकर वो हमारे बहुजन नायको का भी अपमान कर रहे है। आजाद ने कहा.. शिवाजी महाराज थककर मुकुट सौंपना चाहते थे, यह कहना उनके अदम्य साहस का अपमान है…ये केवल बहुजन नायको को कमतर आकने की सोच को बढ़ावा देने वाला है।
क्यों बोले धीरेंद्र शास्त्री – Bageshwar baba statement
जब ये मामला ज्यादा विवादित हो गया तो आखिरकार धीरेंद्र शास्त्री को खुद आगे आकर सफाई पेश करनी पड़ी। उन्होंने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी.. लेकिन साथ ही विवाद खड़े करने वालो से ये भी पूछा कि इसमें अपमान करने जैसा क्या था। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब भी वो नागपुर आये है उनके साथ विवाद जरूर जुड़ ज्यादा है। उनकी कुंडली में ही विवाद है। उन्होंने कहा कि इस मामले को जानबूझ कर ऐसे पेश किया गया जिससे लगे कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी का अपमान किया है, लेकिन सच तो ये है कि वो केवल शिष्य-गुरु परंपरा का एक सटीक उदाहरण देना चाहते थे, जो भी मेरा पूरा बयान सुनेगा वो मेरे कही बातों का सही भावार्क समझ पायेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हमने केवल सम्मान बढ़ाने के लिए कहा था, लेकिन उल्टा हो गया.. हमारे खिलाफ साजिश हुई। उन्होंने ये भी कहा कि ये जानबूझ कर उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है ताकि उनके चमत्कार करने के नाम पर जो धर्मांतरण का खेल चल रहा है उसपर लगाम न लग सकें.. सच तो ये है कि श्रद्धा और अंधविश्वास के बीच एक पतली सी रेखा है.. औऱ उनके यहां लोगो को अंधविश्वास से बचाया जा रहा है। कुछ लोग है तो सनातन विरोधी है.. और वो किसी भी हाल में उन्हें साइडलाइन करना चाहते है। हालांकि धीरेंद्र शास्त्री की सफाई से साफ हो गया है कि वो अपने बयान पर अड़े हुए है तो वहीं लोगो की प्रतिक्रिया को देखने के बाद कहीं न कहीं ये भी डर है कि इससे धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता में दाग न लगे।




























