Khamenei Funeral Rites News: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत को करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा जोखिम और देश में संभावित अशांति के डर से सरकार बड़े सार्वजनिक अंतिम संस्कार का आयोजन करने से बच रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 86 वर्षीय खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हुई थी। इस हमले के बाद से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और ईरान एक तरह के युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है।
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ईरानी परंपरा से अलग स्थिति | Khamenei Funeral Rites News
ईरान में आमतौर पर बड़े नेताओं के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं। 1989 में Ruhollah Khomeini के अंतिम संस्कार में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। इसके उलट, खामेनेई की मौत के बाद ऐसा कोई बड़ा जनसमूह देखने को नहीं मिला। लगातार हवाई हमलों और अस्थिर हालात के चलते सरकार भीड़ जुटाने का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि परंपरा के बावजूद अंतिम संस्कार टलता जा रहा है।
सुरक्षा में चूक का डर और जन प्रतिक्रिया की चिंता
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी नेतृत्व इस समय बेहद सतर्क है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज से जुड़े विश्लेषक बेहनाम तालेब्लू के अनुसार, सरकार को इस बात का डर है कि अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी भीड़ इकट्ठा होने पर स्थिति बेकाबू हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ सरकार खुद को मजबूत बताती है, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय तक इंटरनेट बंद रखना इस बात का संकेत है कि हालात उतने स्थिर नहीं हैं जितना दिखाया जा रहा है। लोगों की प्रतिक्रिया और संभावित विरोध भी सरकार की चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है।
मशहद बन सकता है अंतिम संस्कार का स्थान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारी अब उत्तर-पूर्वी शहर मशहद को दफन स्थल के रूप में विचार कर रहे हैं। यह शहर तुर्कमेनिस्तान सीमा के पास स्थित है और इजराइल से काफी दूर है, जिससे सुरक्षा के लिहाज से यह एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
मशहद खामेनेई का गृहनगर भी है, इसलिए इसका प्रतीकात्मक महत्व भी है। यहां स्थित Imam Reza Shrine शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। इस इलाके में पहले से ही कड़ी सुरक्षा रहती है, जो अंतिम संस्कार के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, शुरुआत में 4 मार्च से तीन दिन के राज्य अंतिम संस्कार की योजना बनाई गई थी, लेकिन अमेरिका और इजराइल के बड़े हमलों के चलते इसे रद्द करना पड़ा।
नए नेता मोजतबा खामेनेई की हालत भी गंभीर
इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई भी उसी हमले में घायल हो गए थे जिसमें उनके पिता की मौत हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 56 वर्षीय मोजतबा को चेहरे और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं। बताया जा रहा है कि वे ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसले लेने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हमले के बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और उनकी कोई नई तस्वीर या वीडियो भी जारी नहीं हुई है।
अभी भी अनिश्चितता कायम
ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। एक तरफ परंपरा निभाने का दबाव है, तो दूसरी ओर सुरक्षा और राजनीतिक हालात बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
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