Sridevi Anil Kapoor flop movie: 90 का दशक बॉलीवुड के लिए सुनहरा दौर माना जाता है। यही वो समय था जब सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान और गोविंदा जैसे सितारे बॉक्स ऑफिस पर राज कर रहे थे और एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दर्शकों को मिल रही थीं। लेकिन इसी चमकते दौर में एक ऐसी फिल्म भी आई, जो उम्मीदों के बोझ तले पूरी तरह टूट गई।
यह कहानी है साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म रूप की रानी चोरों का राजा की, जिसे उस समय की सबसे महंगी फिल्मों में गिना गया था, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई।
बड़े सितारे लेकिन नतीजा निराशाजनक | Sridevi Anil Kapoor flop movie
इस फिल्म में उस दौर की सुपरहिट जोड़ी श्रीदेवी और अनिल कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। इसके अलावा फिल्म में जैकी श्रॉफ, अनुपम खेर और जॉनी लीवर जैसे कलाकार भी शामिल थे। खास बात यह थी कि यह श्रीदेवी और जैकी श्रॉफ की साथ में आखिरी फिल्म मानी जाती है। फिल्म को प्रोड्यूस किया था बोनी कपूर ने, जो उस समय इंडस्ट्री के बड़े नामों में से एक थे।
डायरेक्शन बदलने से बिगड़ी बात
इस फिल्म की शुरुआत 1987 में हुई थी और इसे पहले शेखर कपूर डायरेक्ट कर रहे थे। लेकिन किसी वजह से उन्होंने बीच में प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके बाद डायरेक्शन की जिम्मेदारी सतीश कौशिक के हाथों में आ गई। लंबे समय तक चली शूटिंग और कई बदलावों ने फिल्म के बजट और उम्मीदों को काफी बढ़ा दिया था।
जावेद अख्तर की स्क्रिप्ट पर सवाल
फिल्म की कहानी मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने लिखी थी। रिलीज के बाद फिल्म की कहानी को लेकर काफी आलोचना हुई। कहा गया कि मीडिया ने फिल्म की असफलता का जिम्मेदार स्क्रिप्ट को माना। हालांकि जावेद अख्तर ने पहले ही कहा था कि अगर फिल्म नहीं चलती है तो वह पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।
अनिल कपूर की ईमानदार स्वीकारोक्ति
फिल्म के फ्लॉप होने के बाद अनिल कपूर ने भी खुद को जिम्मेदार माना। उन्होंने माना कि उन्होंने स्क्रिप्ट को हां कहा था और इस प्रोजेक्ट पर करीब 6 साल लगाए थे। यह भी कहा जाता है कि फिल्म के प्रीमियर के दौरान अनिल कपूर ने मुस्कुराते हुए अमिताभ बच्चन और सुभाष घई से यह तक कह दिया था कि फिल्म शायद नहीं चलेगी। हालांकि उस वक्त सुभाष घई ने उन्हें हिम्मत दी थी और कहा था कि बड़ी फिल्मों को लेकर शुरुआती प्रतिक्रिया अक्सर नकारात्मक होती है, लेकिन बाद में वे भी चल पड़ती हैं।
बड़ा बजट, छोटी कमाई
करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ लगभग 3 करोड़ रुपये की कमाई की। यह आंकड़ा उस समय के हिसाब से बहुत बड़ा नुकसान था, खासकर जब फिल्म में इतने बड़े स्टार्स और इतने सालों की मेहनत लगी हो।
आज भी याद की जाती है ये कहानी
रूप की रानी चोरों का राजा आज भी बॉलीवुड इतिहास की उन फिल्मों में गिनी जाती है, जो बड़े सपनों और बड़े बजट के बावजूद सफल नहीं हो पाईं। यह फिल्म इस बात की मिसाल बन गई कि सिर्फ बड़े सितारे और बड़ा बजट किसी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं होते।





























