Asha Bhosle: कहते हैं कि संगीत का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन आशा भोसले की आवाज़ हर उस रूह का सुकून थी जो संगीत की इबादत करती है। चाहे दिल टूटने का गम हो या महफ़िल की रौनक, उनकी आवाज़ ने हर जज़्बात को ज़िंदा रखा। आज वही जादूई आवाज़ हमेशा के लिए खामोश हो गई।
92 साल की उम्र में सुरों की मल्लिका आशा भोसले ने अंतिम सांस ली और संगीत के एक सुनहरे युग का अंत हो गया। भारत की दिग्गज और लीजेंडरी सिंगर आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
Shivaji Park में होगा अंतिम संस्कार
आज यानी सोमवार, 13 अप्रैल को शाम 4 बजे मुंबई के Shivaji Park में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को लोअर परेल स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। Asha Bhosle के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए मुंबई पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
निजी जीवन की एक झलक
Asha Bhosle ने सिर्फ 16 साल की उम्र में साल 1949 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर 31 वर्षीय गणपतराव भोसले से शादी की थी। गणपतराव उस समय लता मंगेशकर के पर्सनल सेक्रेटरी थे। हालांकि, यह शादी सफल नहीं रही और 1960 के आसपास वे अलग हो गए। इसके कई सालों संगीत की दुनिया में काम करते हुए उनकी नजदीकियां मशहूर संगीतकार R. D. Burman (पंचम दा) से बढ़ीं।
जिसके बाद दोनों ने साल 1980 में शादी की। यह जोड़ी संगीत के इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित जोड़ियों में से एक मानी जाती है। पंचम दा के निधन (1994) तक वे साथ रहे। उनके तीन बच्चे थे बेटे हेमंत और आनंद, और बेटी वर्षा। फिलहाल उनके बेटे आनंद ही परिवार की विरासत को संभाल रहे हैं।
संगीत की विरासत
8 सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी। उनकी बड़ी बहन Lata Mangeshkar भी भारत की महान गायिकाओं में गिनी जाती हैं। आशा ताई के ने अपने 70 साल से ज्यादा लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्हें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पद्म विभूषण और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
उनके यादगार गाने
उनके (Asha Bhosle) कई गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं, जैसे‘अभी न जाओ छोड़ कर’, ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दुनिया में लोगों को’ और ‘जरा सा झूम लूं मैं’। उन्होंने अपने करियर में मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर जैसी कई मशहूर अभिनेत्रियों के लिए आवाज दी।
सितारों ने दी श्रद्धांजलि
आशा भोसले के निधन की खबर सुनकर कई बड़े कलाकार उनके घर पहुंचे। मशहूर सिंगर Anup Jalota ने भावुक होकर कहा कि हर लड़की जो सिंगर बनना चाहती है, वह आशा भोसले और लता मंगेशकर जैसा बनना चाहती है। वहीं ऑस्कर विजेता संगीतकार A. R. Rahman भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सुरों की मल्लिका को अंतिम विदाई देने के लिए उनके निवास पर फिल्मी सितारों और राजनेताओं का तांता लगा हुआ है। महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
संगीत प्रेमियों के दिलों में ज़िंदा रहेंगे सदाबहार गाने
आज आशा ताई (Asha Bhosle) भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज़ सदियों तक गूँजती रहेगी। संगीत का एक सुनहरा अध्याय आज हमेशा के लिए बंद हो गया। आज सुरों की यह देवी भले ही पंचतत्व में विलीन हो रही हैं, लेकिन उनकी सुरीली विरासत आने वाली कई सदियों तक संगीत प्रेमियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
उनके सदाबहार गाने पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में ज़िंदा रहेंगे। आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उनकी आवाज और गाने हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।































