Noida News: नोएडा के सेक्टर 94 में एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। 23 साल का हर्षित भट्ट अपने दोस्तों के साथ घूमने और पिकनिक मनाने गया था, लेकिन यह पिकनिक उसके लिए जानलेवा साबित हुई। एक मशहूर बिल्डर के खाली प्लॉट में भरे गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। हर्षित एमिटी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन का छात्र था और बताया जा रहा है कि वह अच्छा तैराक भी था।
गहराई का अंदाजा नहीं लगा, पानी में उतरना पड़ा भारी | Noida News
मौके पर मौजूद दोस्तों के मुताबिक, हर्षित मस्ती-मजाक के दौरान पानी में नहाने के लिए उतर गया था। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि गड्ढे में भरा पानी बेहद गहरा है। जैसे ही वह अंदर गया, वह बाहर नहीं निकल सका। दोस्तों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन घबराहट और गहराई के चलते उनकी कोशिश नाकाम रही।
रेस्क्यू टीम पहुंची, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। NDRF और SDRF की टीमें भी बुला ली गईं। काफी प्रयासों के बाद हर्षित को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। नोएडा पुलिस के अनुसार, इस दौरान तीन अन्य छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को नहीं बचाया जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवार सदमे में, घर पर पसरा सन्नाटा
हर्षित का परिवार गाजियाबाद के इंदिरापुरम के नीतिखंड इलाके में रहता है। बेटे की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। घर के बाहर ही साफ कह दिया गया है कि किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं है। परिवार की हालत ऐसी है कि वे किसी से बात करने की स्थिति में भी नहीं हैं। आसपास के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।
नोएडा अथॉरिटी पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही चर्चा में है। जिस जगह यह घटना हुई, वहां न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। अगर वहां पहले से सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताई है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले आईटी इंजीनियर युवराज मेहता की भी इसी तरह मौत हो चुकी है। वह गुरुग्राम से नोएडा लौट रहे थे, जब उनकी कार एक दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। बचाव में देरी के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
दिल्ली में भी एक बैंक कर्मचारी की मौत सड़क पर खोदे गए खुले गड्ढे में बाइक गिरने से हो गई थी, जहां कोई चेतावनी या अवरोधक नहीं लगाया गया था।
जानलेवा बनते जा रहे हैं खुले गड्ढे
नोएडा में खुले और बिना सुरक्षा के छोड़े गए गड्ढे लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। सेक्टर 115 में भी एक निर्माणाधीन नाले में गिरकर 25 साल के युवक की मौत हो चुकी है। हर बार हादसे के बाद सख्त कार्रवाई और सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, लेकिन हालात में ज्यादा सुधार नहीं दिखता।
बढ़ता जा रहा मौतों का आंकड़ा
धीरज, युवराज और अब हर्षित ऐसे कई नाम हैं जो इन लापरवाहियों की भेंट चढ़ चुके हैं। सवाल यही है कि आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और जिम्मेदार एजेंसियां सिर्फ वादे करती रहेंगी। अब जरूरत है कि प्रशासन जमीन पर ठोस कदम उठाए, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
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