West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और ज्यूडिशियल रिव्यू के बाद नई फाइनल सप्लीमेंटरी लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। सोमवार, 6 अप्रैल की देर रात आयोग ने इस फाइनल लिस्ट को सार्वजनिक किया।
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जिलों में नाम कटने की सूची | West Bengal SIR
ज्यूडिशियल रिव्यू का सबसे बड़ा असर मुर्शिदाबाद जिले में देखा गया, जहां 4,55,137 नाम हटाए गए। इसके अलावा नॉर्थ 24 परगना में 3,25,666, मालदा में 2,39,375, साउथ 24 परगना में 2,22,929 और पूर्व बर्धमान में 2,09,805 नाम हटाए गए।
इंद्रजीत कुंडू (आजतक) की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 में SIR के पहले फेज में 58.2 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद फरवरी 2026 तक 5.46 लाख और नाम हटे। कुल मिलाकर अब तक 90 लाख से ज्यादा मतदाताओं का नाम लिस्ट से बाहर हो चुका है।
ज्यूडिशियल रिव्यू का डेटा
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR के बाद ज्यूडिशियल रिव्यू के लिए कुल 60,06,675 मामले सामने आए। इनमें से 59,84,512 मामलों का निपटारा हो चुका है। इस प्रक्रिया में 32,68,119 लोगों के नाम लिस्ट में वापस जोड़ दिए गए जबकि 27,16,393 लोगों के नाम हटा दिए गए। ECI के एक सीनियर अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं।
राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या में कमी
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ थी। अब यह घटकर 6.77 करोड़ हो गई है। यानी लगभग 11.62% यानी 89 लाख वोटर्स की संख्या कम हुई है। ज्यूडिशियल रिव्यू के लिए सबसे ज्यादा मामले मुर्शिदाबाद (करीब 11 लाख) में आए। इसके बाद मालदा में 8.28 लाख, साउथ 24 परगना में 5.22 लाख और नॉर्थ 24 परगना में 5 लाख मामले दर्ज हुए। वहीं झाड़ग्राम और कालिम्पोंग में सबसे कम मामले सामने आए।
प्रतिशत के हिसाब से नादिया में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए (77.86%), इसके बाद हुगली (70.33%), पूर्व बर्धमान (57.4%), नॉर्थ 24 परगना (55.08%) और पश्चिम बर्धमान (53.72%) का स्थान रहा।
अल्पसंख्यक बहुल जिलों में समीक्षा
अल्पसंख्यक बहुल जिलों में मालदा (28.91%), मुर्शिदाबाद (41.33%), उत्तर दिनाजपुर (36.84%) और साउथ 24 परगना (42.70%) में ज्यूडिशियल रिव्यू के मामले सबसे ज्यादा सामने आए। हालांकि इन जिलों में प्रतिशत के हिसाब से हटाए गए नामों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। ECI ने यह प्रक्रिया 705 न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी करवाई। सुप्रीम कोर्ट भी इस पूरे कामकाज पर नजर बनाए हुए था।
आगामी विधानसभा चुनाव पर असर
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं। राज्य में दो चरणों में मतदान होगा, पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें ट्रिब्यूनल में अपील करने का अवसर मिलेगा। हालांकि अभी तक ट्रिब्यूनल पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। इससे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या पहले चरण की वोटिंग से पहले इन मामलों का निपटारा हो पाएगा या नहीं।
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