West Bengal voter list update: पश्चिम बंगाल में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग ने बुधवार को बताया कि इस दौरान जांच के दायरे में आए 32 लाख नामों में से लगभग 13 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
अंडर एडजुडिकेशन और सप्लीमेंट्री लिस्ट| West Bengal voter list update
चुनाव आयोग ने सोमवार को पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की थी। इन नामों को “अंडर एडजुडिकेशन” के तहत चिन्हित किया गया था, यानी आयोग इनके दस्तावेजों की जांच कर रहा था। आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में अब तक 60 लाख से अधिक नाम अंडर एडजुडिकेशन के तहत रखे गए थे। इसमें से 32 लाख मामलों का निपटारा हो गया है, जबकि लगभग 28 लाख मामले अब भी लंबित हैं और उनकी जांच जारी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केवल उन्हीं नामों को सूची में शामिल किया गया है, जिनका ई-साइन प्रमाणीकरण पूरा हुआ। तकनीकी कारणों और प्रक्रिया संबंधी बाधाओं के चलते सभी प्रोसेस किए गए नाम एक साथ जारी नहीं किए जा सके, इसलिए इन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रकाशित किया जा रहा है।
बसीरहाट उत्तर में उठे सवाल
पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी होने के बाद बसीरहाट उत्तर विधानसभा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। बोरो गोबरा गांव के बूथ नंबर 5 के सभी 340 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाए गए। सभी वोटर अंडर एडजुडिकेशन के तहत चिन्हित थे। इस बीच हैरानी की बात यह है कि इसी बूथ के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मोहम्मद शफीउल आलम का नाम भी हटाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आलम के पिता का नाम 2002 के SR (स्पेशल रिवीजन) में दर्ज था, फिर भी उनका नाम हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है।
बंगाल में अब तक कुल 76 लाख वोटर हटाए गए
इससे पहले SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 63 लाख नाम पहले ही हटाए जा चुके थे। इसके बाद बंगाल में कुल हटाए गए मतदाताओं की संख्या 76 लाख तक पहुंच गई। एन्यूमरेशन फेज के दौरान भी 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई थी। बाद में 28 फरवरी को प्रकाशित सूची में यह संख्या और घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई। चुनाव आयोग ने बताया है कि आगे की सप्लीमेंट्री लिस्ट हर शुक्रवार को जारी की जाएगी। इससे कुल मतदाताओं की संख्या और घटने की संभावना बनी हुई है।
कॉलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कलकत्ता हाईकोर्ट से रोजाना सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की अनुमति मांगी है। कोर्ट इस पर 27 मार्च के बाद सुनवाई करेगा। इस प्रक्रिया के चलते राज्य में मतदाता सूची में लगातार बदलाव हो रहा है, जिससे चुनाव की पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कई क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम हटने से स्थानीय स्तर पर विवाद और सवाल खड़े हो रहे हैं।





























