Kangana Ranaut struggle: कंगना रनौत फिल्म इंडस्ट्री की उन एक्ट्रेस में से है जो अपनी बात खुल कर बड़ी बेबाकी से कहती है..उनकी लाइफ एक खुली किताब की तरह है.. 23 मार्च को कंगना ने अपना 40वां जन्मदिन मनाया है और कई सितारों के साथ नाम जुड़ने के बाद भी कंगना आज भी अकेली है.. मात्र 16 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाली कंगना को उनका पावरफुल अदाकारी के लिए जाना जाता है।
साल 2008 में रीलिज हुई उनकी फिल्म फैशन के लिए तो कंगना तो नेशनल अवार्ड तक मिला था…लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि नेशनल अवार्ड पाने के कंगना अकेले में काफी देर तक रोती रही थी क्योंकि जिस फिल्म के कारण उन्हें नेशनल अवार्ड मिला था उस फिल्म के कारण वो डिप्रेशन में चली गई थी… उन्होंने सेट पर अजीबों गरीब हरकतें करनी शुरु कर दी थी.. अपने इस लेख में जानेंगे कंगना से जुड़ा ये किस्सा उनकी उनकी सुपरहिट फिल्म के पीछे का काला स्याह सच भी है।
16 साल की उम्र में फिल्म में किया डेब्यू
दरअसल कंगना ने मात्र 16 साल की उम्र में ही फिल्म गैंगस्टर में बतौर लीड एक्ट्रेल काम किया था.. और पहली ही फिल्म में उन्होंने बता दिया था कि वो लंबी पारी खेलने आई है। जिसके बाद 2008 में कंगना को मधुर भंडारकर की फिल्म फैशन में सेकेंड लीड रोल मिला था.. वो एक ऐसी सुपरमॉडल के रोल में नजर आई थी जो कि सक्सेस पाने के बाद ड्रग्स के नशे की आदी हो जाती है, जिनकी पर्सनल लाइफ अच्छी नहीं चल रही है, उनका बिहेवियल रूड हो जाता है जिससे उनके हाथों से कई प्रोजेक्ट चले जाते है और उन्हें प्रियंका चोपड़ा रिप्लेस कर देती है..लेकिन उससे कंगना को काफी धक्का लगता है वो खुद को नशे में डुबो देती है और एक दिन अचानक गायब हो जाती है।
करियर की शुरुआत में मेंटली अनस्टेबल
कंगना ने एक इंटरव्यू में बताया कि करियर के स्टार्ट में उनके कई ऐसे लोगो से रिश्ते हुए जो उन्हें अकेलापन दे गया था। कंगना खुद को इस किरदार से इतना रिलेट कर पा रही थी कि वो खुद को अकेला महसूस करने लगी थी। वो उदास रहती, अकेले रहना पसंद करती थी..वो इमोशनली कमजोर हो गई थी और मेंटली अनस्टेबल महसूस करने लगी थी। कंगना ने कहा कि वो करियर के शुरुआत में सेकेंड लीड नहीं करना चाहती थी, लेकिन उनका रोल छोटा और इंपेक्टफुल था, मगर फिर भी वो डिप्रेशन में चली गई थी।
कंगना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला
कंगना ने बताया कि खुद को बेहतर दिखाने के लिए वो घंटो किसी भी सीन की रिसर्सल करती थी.. ताकि वो पावरफुर नजर आये है। हालांकि कंगना ने डिप्रेशन के सीन्स में जान डाल दी थी, मगर इन सीन्स के कारण वो खुद डिप्रेशन में चली गई थी.. इतनी ही नहीं अपने कैरेक्टर को वो बेहतर बनाने के लिए कई ड्रग्स एडिक्ट से मिली..ताकी उनकी सही फिलिंग को समझ सकें। हालांकि फिल्म रिलिज हुई और कंगना प्रियंका पर हावी नजर आई.. नजीता कंगना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला था। कंगना कहती है कि इस अवार्ड ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी थी। उनके पास कई बड़े लोगो को कॉल आये थे।
उन्होंने कहा कि उस डिप्रेशन से निकला आसान नहीं था, लेकिन वो समझ गई कि करियर में आगे बढ़कर ही वो इससे उबर पायेंगी जिसके बाद उन्होंने करियर पर ही फोकस किया। आज कंगना के बहुत बड़ा नाम है..मगर उनके अर्श से फर्स तक का सफर आसान नहीं रहा है।
