Anupam Kher Birthday: भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो हर दौर में खुद को नए अंदाज़ में पेश करते रहते हैं। अनुपम खेर उन्हीं कलाकारों में से एक हैं। कभी कॉमेडी, कभी खलनायक, तो कभी एक भावुक पिता या सख्त पुलिस अफसर उन्होंने लगभग हर तरह का किरदार निभाया है। शायद यही वजह है कि चार दशकों से भी ज्यादा लंबे करियर के बाद भी उनका नाम फिल्म इंडस्ट्री में उतनी ही इज्जत के साथ लिया जाता है।
अनुपम खेर का जन्म 7 मार्च 1955 को हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर Shimla में हुआ था। वे एक कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। उनके पिता पुष्कर नाथ खेर वन विभाग में क्लर्क थे, जबकि उनकी मां दुलारी खेर गृहिणी थीं। बचपन से ही उन्हें अभिनय में गहरी दिलचस्पी थी। इसी जुनून के चलते उन्होंने पारंपरिक पढ़ाई छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने Panjab University, चंडीगढ़ से थिएटर की पढ़ाई की और बाद में देश के प्रतिष्ठित संस्थान National School of Drama में दाखिला लेकर अभिनय की बारीकियां सीखीं।
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28 साल की उम्र में निभाया 65 साल के बुजुर्ग का किरदार (Anupam Kher Birthday)
अनुपम खेर के फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में हुई, जब उन्होंने Mahesh Bhatt की फिल्म Saaransh में काम किया। इस फिल्म में उन्होंने 65 साल के बुजुर्ग पिता का किरदार निभाया था, जबकि उस समय उनकी उम्र सिर्फ 28 साल थी।
इतनी कम उम्र में इतना परिपक्व किरदार निभाने पर लोग हैरान रह गए थे। जब उनसे पूछा जाता कि उन्होंने ऐसा कैसे किया, तो वे मुस्कुराकर कहते “फिल्म है, जादू है।” उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिला।
विलेन से लेकर कॉमेडी तक हर किरदार में कमाल
पहली फिल्म की सफलता के बाद अनुपम खेर ने खुद को किसी एक तरह के रोल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने नेगेटिव किरदारों में भी दमदार पहचान बनाई। Karma, Tezaab और ChaalBaaz जैसी फिल्मों में उनका खलनायक रूप दर्शकों को खूब पसंद आया।
दूसरी तरफ कॉमेडी में भी उनका अंदाज उतना ही प्रभावशाली रहा। Ram Lakhan में निभाया गया उनका हास्य किरदार आज भी लोगों को याद है। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट कॉमिक परफॉर्मेंस अवॉर्ड भी मिला।
‘डैडी’ के लिए मिला नेशनल अवॉर्ड
अनुपम खेर ने अपने करियर में कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। फिल्म Daddy में उनका किरदार बेहद जटिल और भावनात्मक था। इस शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में स्पेशल जूरी अवॉर्ड और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
उनका मानना है कि कलाकार को हर किरदार में कुछ नया करने की कोशिश करनी चाहिए। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में हर बार एक अलग ऊर्जा और अंदाज देखने को मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी बनाई पहचान
अनुपम खेर ने सिर्फ बॉलीवुड तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम किया और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई। Bend It Like Beckham, Silver Linings Playbook और The Big Sick जैसी फिल्मों में उनका अभिनय काफी सराहा गया।
इसके अलावा ब्रिटिश टीवी फिल्म The Boy with the Topknot में उनके काम के लिए उन्हें प्रतिष्ठित BAFTA Awards में नामांकन भी मिला।
अभिनय के साथ निर्देशन और समाजसेवा
अनुपम खेर सिर्फ अभिनेता ही नहीं हैं, बल्कि उन्होंने निर्देशन और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया है। Om Jai Jagadish और Maine Gandhi Ko Nahin Mara जैसी फिल्मों का निर्देशन और निर्माण उन्होंने किया।
वे एक्टिंग स्कूल Actor Prepares के संस्थापक भी हैं, जहां नए कलाकारों को अभिनय की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टीवी शोज जैसे New Amsterdam और Mrs Wilson में भी काम किया है।
उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2004 में Padma Shri और 2016 में Padma Bhushan से सम्मानित किया। साल 2021 में Hindu University of America ने उन्हें ऑनररी डॉक्टरेट की उपाधि भी दी।
चार दशकों से ज्यादा लंबे करियर में अनुपम खेर ने यह साबित कर दिया है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कलाकार हर दौर में दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए रख सकता है।
