Chardham Yatra 2026: एक ऐसा धाम, जो 400 वर्षों तक बर्फ की सफेद चादर ओढ़े मौन तपस्या में लीन रहा। आज भी यहां की हवाओं में वो दिव्य सुकून है, जो रूह को छू जाता है। केदार घाटी में पत्थरों पर उकेरी गई नक्काशी में सदियों का इतिहास सिमटा है। मान्यताओं के अनुसार, महादेव के दर्शन मात्र से ही भक्त अपने जीवन के हर दुख-दर्द भूल जाते हैं। अगर आप भी अपने कष्टों को पीछे छोड़ बाबा केदार की शरण में जाना चाहते हैं, तो तैयार हो जाइए! 19 अप्रैल से शुरू हो रही पावन चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उत्तराखंड (Uttarakhand) की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) जिसमें शामिल है (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) (Yamunotri, Gangotri, Kedarnath, Badrinath) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) शुक्रवार 6 मार्च 2026 से शुरू हो गया है। पर्यटन विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। उसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।
ऑनलाइन कैसे करें रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए श्रद्धालु पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या मोबाइल एप Tourist Care Uttarakhand के जरिए अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सुबह 7 बजे से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और श्रद्धालु आसानी से घर बैठे पंजीकरण कर सकते हैं।
भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था
पर्यटन विभाग ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अलग-अलग सुविधाएं दी हैं। भारतीय श्रद्धालु आधार कार्ड के जरिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं विदेशी श्रद्धालु ई-मेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का सही प्रबंधन किया जा सकेगा और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर रहेगी।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी होगा
अगर कोई श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाता है तो उसके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन (Offline Registration) की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यह सुविधा 17 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इसके लिए तीन जगहों पर विशेष काउंटर बनाए जाएंगे-ऋषिकेश का ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार का ऋषिकुल मैदान, विकासनगर यहां जाकर श्रद्धालु यात्रा से पहले अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर (Toll Free Helpline Number) 0135-1364 भी जारी किया है। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। इस पर कॉल करके यात्री रजिस्ट्रेशन, यात्रा मार्ग, सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
चारों धाम के कपाट कब खुलेंगे
इस साल चारधाम के कपाट इन तारीखों पर खुलेंगे
• यमुनोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
• गंगोत्री धाम – 19 अप्रैल 2026
• केदारनाथ धाम – 22 अप्रैल 2026
• बद्रीनाथ धाम – 23 अप्रैल 2026
प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो।
