Taliban Airstrike Pakistan: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब खुलकर सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। अफगानिस्तान में सत्ता संभाल रहे तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर सफल एयरस्ट्राइक की है। मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में किए गए हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना? (Taliban Airstrike Pakistan)
तालिबान के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनकी वायुसेना ने रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, क्वेटा में मौजूद 12वीं कोर, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी इलाके और घलानी सैन्य अड्डों को टारगेट किया। मंत्रालय का दावा है कि ये हमले बेहद सटीक और समन्वित तरीके से किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से पहले अफगान क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद यह जवाबी कदम उठाया गया।
पाकिस्तान ने काबुल और बगराम को बनाया निशाना?
तालिबान के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बीती रात और आज सुबह काबुल और बगराम एयरबेस समेत कुछ अन्य इलाकों में हवाई हमले किए। मंत्रालय का कहना है कि अफगान संप्रभुता का उल्लंघन किया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तालिबान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की ओर से उनके हवाई क्षेत्र में दोबारा घुसपैठ या आक्रामक कार्रवाई की गई, तो उसका कड़ा और जवाबी एक्शन लिया जाएगा। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील बनी हुई है।
काबुल में धमाके, चौथे दिन भी जारी टकराव
मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर अल-जजीरा के हवाले से बताया गया है कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार का दावा है कि उसकी सुरक्षा फोर्सेज ने अफगान हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए पाकिस्तानी विमानों पर फायरिंग की।
बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह टकराव लगातार चौथे दिन में पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि सीमा के दोनों ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अफगान हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए पाकिस्तानी जेट
तालिबान के अनुसार, रविवार सुबह पाकिस्तानी जेट अफगान हवाई सीमा में घुस आए थे। इसके बाद एंटी-एयरक्राफ्ट गन और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया और जवाबी कार्रवाई की गई। तालिबान ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी विमानों ने बगराम एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन हमले को नाकाम कर दिया गया।
बगराम एयरबेस वही पूर्व अमेरिकी सैन्य अड्डा है, जो लंबे समय तक अमेरिकी सेना की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। पिछले साल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस एयरबेस को लेकर दोबारा रुचि दिखाई थी, जिससे यह एक बार फिर चर्चा में आया था।
बढ़ता तनाव, क्षेत्र में अनिश्चितता
फिलहाल दोनों देशों के दावे और जवाबी दावे जारी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है, यह साफ नहीं हो पाया है। फिर भी जिस तरह सैन्य ठिकानों और हवाई सीमाओं का जिक्र हो रहा है, उससे साफ है कि मामला बेहद गंभीर है। अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए, तो यह टकराव पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर असर डाल सकता है।
