Ayatollah Ali Khamenei: ईरान से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शनिवार को हुए हमलों में तेहरान स्थित उनका पूरा परिसर तबाह हो गया। बताया जा रहा है कि हमले इतने भीषण थे कि बचाव की कोई गुंजाइश नहीं रही।
जब यह खबर ईरान के सरकारी समाचार चैनल Press TV पर प्रसारित की गई, तो स्टूडियो का माहौल बेहद भावुक हो गया। खबर पढ़ते-पढ़ते एंकर की आवाज भर्रा गई और वह सुबकने लगीं। कुछ ही पलों में वह फूट-फूटकर रो पड़ीं। यह दृश्य देशभर में लाइव देखा गया और लोगों के बीच गहरा सदमा फैल गया।
7 दिन की छुट्टी और 40 दिन का राष्ट्रीय शोक | Ayatollah Ali Khamenei
ईरान की कैबिनेट ने खामेनेई के निधन पर सात दिन के सार्वजनिक अवकाश और 40 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं और देशभर में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। दुख की बात यह भी है कि इस हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत की खबर है। हालांकि, विस्तृत आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।
WATCH: Iranian state-owned Press TV anchor breaks down in tears upon learning of Ali Khamenei’s death pic.twitter.com/CuLQsQ5Vvb
— Faytuks Network (@FaytuksNetwork) March 1, 2026
Islamic Revolutionary Guard Corps का बयान: “शहादत हमें और मजबूत करेगी”
ईरानी सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक जताया है। अपने बयान में आईआरजीसी ने कहा, “हमने एक महान नेता खो दिया है। वे अपनी रूह की पवित्रता, मजबूत ईमान, दूरदर्शिता और अत्याचारियों के सामने साहस के लिए अपने दौर में बेजोड़ थे।”
संगठन ने आगे कहा कि उनकी “शहादत” ईरान को और ताकत देगी और इस हमले का बदला लिया जाएगा। बयान में धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा गया कि जो लोग अल्लाह की राह में मारे जाते हैं, उन्हें मृत नहीं समझना चाहिए, वे अपने रब के पास जीवित हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि अमेरिका की बमबारी “पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक” जारी रहेगी। उन्होंने बयान में कहा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई अब नहीं रहे। यह ईरान की जनता और उन तमाम अमेरिकी नागरिकों के लिए न्याय है, जो उनके फैसलों की वजह से मारे गए या घायल हुए।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर काम किया और अमेरिकी इंटेलिजेंस व एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से खामेनेई बच नहीं सके। उनके मुताबिक, हमले में अन्य कई शीर्ष नेता भी मारे गए।
36 साल का लंबा और प्रभावशाली शासन
86 वर्षीय खामेनेई ने करीब 36 साल तक ईरान की सत्ता संभाली। उनके दौर में ईरान एक मजबूत अमेरिका-विरोधी ताकत के रूप में उभरा और मध्य पूर्व में अपना सैन्य प्रभाव बढ़ाया। देश के भीतर विरोध प्रदर्शनों और अशांति को कड़े कदमों से दबाया गया।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दशकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद चलता रहा। कई बार कूटनीतिक समाधान की कोशिशें हुईं, लेकिन वे नाकाम रहीं।
खामेनेई की मौत ने न सिर्फ ईरान की राजनीति को हिला दिया है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में नए तनाव की आशंका भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
