Epstein files News: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुणाल शुक्ला ने एक पोस्ट के जरिए एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई चर्चित नामों को जोड़ा गया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने दिवंगत अमेरिकी कारोबारी Jeffrey Epstein का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके तथाकथित “नेटवर्क” से जुड़े कुछ लोग आज भी सक्रिय हैं। शुक्ला ने अमेरिकी कारोबारी Robert B. Millard, केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri और हिमायानी पुरी का नाम लेते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
‘पपेट डांस’ और 2014 के बाद की घटनाएं | Epstein files News
पोस्ट में दावा किया गया है कि एपस्टीन ने कभी यह कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए इज़राइल में “नाच” किया था, जिसे शुक्ला ने “कठपुतली डांस” करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह सब कैसे संभव हुआ और इसकी नींव कब रखी गई।
जेफरी एपस्टीन मर चुका है, लेकिन उसके असली “छात्र” और ऑपरेटिव—रॉबर्ट मिलर्ड, हरदीप सिंह पुरी, और हिमायानी पुरी?
एपस्टीन ने कभी घमंड किया था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए इज़राइल में “नाच” किया था। हम इसे कठपुतली (पपेट) डांस कहते… pic.twitter.com/cLIFISetFg
— Kunal Shukla (@kunal492001) February 26, 2026
शुक्ला के मुताबिक 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद हरदीप सिंह पुरी ने बीजेपी जॉइन की। 2016-17 तक वे सरकार में एक अहम चेहरा बन गए और बाद में कैबिनेट मंत्री बने। पोस्ट में यह भी दावा है कि पुरी ने प्रधानमंत्री की इज़राइल यात्रा को आसान बनाने में भूमिका निभाई, जहां बड़ी रक्षा डील्स पर हस्ताक्षर हुए।
डिफेंस डील्स और कंपनियों का कनेक्शन
पोस्ट में अमेरिकी कंपनी L3Harris Technologies का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 2017 में राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स के साथ हुए समझौतों में रॉबर्ट मिलर्ड की भूमिका रही। मिलर्ड को L3Harris का बोर्ड सदस्य और पूर्व लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बताया गया है।
दावे के अनुसार L3Harris का इज़राइली कंपनी NSO Group और राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स से सीधा संबंध रहा है। खास तौर पर पेगासस स्पायवेयर का मुद्दा भी उठाया गया, जिसे लेकर भारत में पहले भी राजनीतिक बहस हो चुकी है। शुक्ला ने लिखा कि 2022 में L3Harris ने NSO की तकनीक खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इसे रोक दिया और NSO को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
भारत से जुड़े व्यावसायिक रिश्ते
पोस्ट में यह भी कहा गया है कि L3Harris ने भारत में भारत फोर्ज के कल्याणी ग्रुप के साथ साझेदारी की है, जो राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स से सहयोग के जरिए जुड़ा है। इन कड़ियों को जोड़ते हुए शुक्ला ने संकेत दिया कि इज़राइल और अमेरिका के साथ हुए रक्षा समझौतों के पीछे एक व्यापक नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है।
जवाबदेही की मांग और अकाउंट ब्लॉक का दावा
अपनी पोस्ट के अंत में कुणाल शुक्ला ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री समझौतावादी हैं या जनता को जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से “पूर्ण जवाबदेही” की मांग करने की अपील की। साथ ही यह दावा भी किया कि भारत सरकार ने उनका X अकाउंट ब्लॉक करने का अनुरोध किया है और उन्होंने अपने फॉलोअर्स से पोस्ट शेयर करने को कहा।
फिलहाल इन आरोपों पर संबंधित व्यक्तियों या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लगाए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। मामला संवेदनशील है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
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