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Donald Trump on Operation Sindoor: “मैं बीच में न आता तो 3.5 करोड़ लाशें गिरतीं!” ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप का सनसनीखेज दावा

Nandani | Nedrick News New Delhi Published: 25 Feb 2026, 11:22 AM | Updated: 25 Feb 2026, 11:22 AM

Donald Trump on Operation Sindoor: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में एक बार फिर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि अपने पहले 10 महीनों में उन्होंने कुल आठ युद्ध रुकवाए हैं।

अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में ट्रंप ने कहा कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। उनके मुताबिक, अगर उस समय उन्होंने दखल नहीं दिया होता तो मामला न्यूक्लियर वॉर तक पहुंच सकता था।

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“ऑपरेशन सिंदूर रोककर 3.5 करोड़ जान बचाई” (Donald Trump on Operation Sindoor)

ट्रंप के बयान का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर था। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने उनसे कहा था कि अगर अमेरिका बीच में नहीं आता तो इस ऑपरेशन के दौरान 3.5 करोड़ लोगों की मौत हो सकती थी।

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “ये मजाक नहीं है। पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते।” उनके इस बयान को मई 2025 में हुए चार दिन के सैन्य संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। उस समय सीमा पर हालात काफी बिगड़ गए थे और पाकिस्तान की स्थिति बैकफुट पर मानी जा रही थी।

आठ युद्ध सुलझाने का दावा

ट्रंप ने जिन आठ संघर्षों को रोकने का दावा किया, उनमें कई अंतरराष्ट्रीय टकराव शामिल हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने इजरायल-हमास, इजरायल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया, भारत-पाकिस्तान, सर्बिया-कोसोवो, रवांडा-कांगो, आर्मेनिया-अजरबैजान और कंबोडिया-थाईलैंड के बीच विवादों को शांत कराने में भूमिका निभाई।

इन दावों के जरिए ट्रंप ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया, जिसने वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने की कोशिश की। हालांकि, उनके इन बयानों पर अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

भारत ने खारिज किए दावे

भारत ने पहले भी ट्रंप के इस दावे को सिरे से नकारा है कि अमेरिका की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ। जब विदेश मंत्री S. Jaishankar से पूछा गया कि सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिका की क्या भूमिका थी, तो उन्होंने हल्के अंदाज में जवाब दिया, “यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में था।” उनका यह बयान साफ संकेत था कि भारत इस मामले में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को नहीं मानता।

इसके अलावा, भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने भी स्पष्ट किया था कि सीजफायर किसी बाहरी दबाव का नतीजा नहीं था। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) ने हॉटलाइन पर अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया और संघर्ष खत्म करने का अनुरोध किया। इसी बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी।

राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा

ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर वे खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बता रहे हैं, वहीं भारत पहले ही साफ कर चुका है कि सीजफायर उसकी अपनी सैन्य और कूटनीतिक प्रक्रिया का परिणाम था।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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