5 दिनों में 7 हत्याओं से दहला कश्मीर, हिंदू-सिख निशाने पर!…क्या फिर लौट रहा वो 90 वाला दौर?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 अक्टूबर 2021, 05:30 AM Updated: 08 अक्टूबर 2021, 05:30 AM
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केंद्र सरकार लगातार इन कोशिशों में ही है कि जम्मू-कश्मीर में अमन शांति कायम रहें। वहां ऐसा होता हुआ भी दिख रहा है। लेकिन आतंकियों को ये बात रास नहीं आ रही। इस वजह से ही वो लगातार कश्मीर के हालात बिगाड़ने की कोशिशों में जुटे हुए है। 

जम्मू कश्मीर से बीते कुछ दिनों में खबरें सामने आ रही हैं, वो हैरान परेशान करने वाली है। कश्मीर में आतंकियों के निशाने पर आम लोग हैं। बीते 5 दिनों में यहां पर 7 लोगों आतंकियों का शिकार बने। इस दौरान जो पैटर्न फॉलो किया जा रहा है, उसको लेकर टेंशन बढ़ रही है। 

क्या आतंकी गैर मुस्लिमों को कर रहे टारगेट?

दरअसल, कश्मीर में आतंकी एक बार फिर से अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रहे हैं। घाटी में वो हिंदुओं और खासतौर गैर मुस्लिमों पर हमला कर रहे हैं। गुरुवार को आतंकियों ने एक स्कूल को निशाना बनाया और यहां एक प्रिसिंपल के साथ एक टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी। 

5 दिनों में हुई 7 हत्याएं

मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह सभी शिक्षक साथ में बैठकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान तीन आतंकी स्कूल में घुसे और उन्होंने प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की पहचान कर उनको अलग किया। इसके बाद उन्हें काफी करीब से गोली मार दी। मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। 

इससे पहले 2 अक्टूबर को दो आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया। आतंकियों ने श्रीनगर के चट्टाबल के रहने वाले माजिद अहमद गोजरी की गोली मारकर हत्या की गई। इसके साथ ही इसी दिन आतंकियों ने मोहम्मद शफी डार नाम के शख्स को भी गोली मारी थीं। 

इसके अलावा 5 अक्टूबर को तीन बड़ी आतंकी घटनाओं से जम्मू-कश्मीर दहल उठा था। श्रीनगर के एक मशहूर केमिस्ट माखन लाल बिंदरू की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थीं। इसके कुछ देर बाद एक फूड विक्रेता वीरेंद्र पासवान और फिर बांदीपोरा में मोहम्मद शफी लोन की हत्या की थीं। कुल 90 मिनट के अंदर 5 अक्टूबर को आतंकियों ने 3 लोगों को निशाना बनाया। 

सच में लौट रहा 90 वाला दौर?

इस घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या कश्मीर में एक बार फिर 90 के दशक वाला वो दौर लौटने वाला है। हालांकि फिलहाल आतंकी गुटों की कमजोर स्थिति को देखते हुए सुरक्षाबल इन संभावनाओं से इनकार कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकवाद पर बढ़ते एक्शन की वजह से आतंकी बौखलाए हुए है और वो कश्मीर में दहशत का माहौल बनाने की कोशिश में लगे हैं। इसके अलावा इन पूरी घटनाओं को अफगानिस्तान में तालिबान के आगमन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।  

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